Delhi Satta King: सट्टा किंग ने 'मजाबुक मजे से जीतो' का खेला दांव, नोएडा पुलिस ने पलट दी गेम

मजाबुक मजे से जीतो नामक ऑनलाइन ऐप के जरिये लोगों से ठगी की जा रही थी। नोएडा पुलिस ने 8 आरोपियों को अरेस्ट किया है, जिसमें 5 महिलाएं शामिल हैं। इनकी टेक्निक पुरानी है, लेकिन पुलिस से बचने के लिए अनोखा तरीका अपनाया था।

Updated On 2026-01-08 14:57:00 IST

नोएडा पुलिस ने मजाबुक मजे से जीतो ऐप से ठगी करने वाले गिरोह का किया भंडाफोड़

सट्टा किंग लोगों की गाढ़ी कमाई को हड़पने के लिए नई-नई टेक्निक अपनाता है, लेकिन कम समय में अमीर बनने की चाहत लोगों को इस जाल में फंसा देता है। ताजा मामला नोएडा से सामने आया है, जहां मजाबुक मजे से जीतो नामक ऑनलाइन ऐप के जरिये लोगों से ठगी की जा रही थी। नोएडा पुलिस ने इस गिरोह के पांच आरोपियों को रंगे हाथों अरेस्ट किया है, जिसमें दो महिलाएं शामिल हैं। साथ ही, पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में फर्जी बैंक दस्तावेज, पासबुक, सिम कार्ड, डेबिट कार्ड, मोबाइल, फोन और नकदी समेत कई सामान बरामद किया है।

ईमानदारी का ढोंग रचकर ठगी

डीसीपी सेंट्रल नोएडा मोहन अवस्थी ने बताया कि मजाबुक मजे से जीतो नामक ऑनलाइन ऐप के जरिये क्रिकेट, कसीनो और नंबरिंग गेम जैसे खेल खिलवाते और जीतने पर उनके खाते में पैसे दिखा देते। लोग जीते गए पैसे को फिर से जुआ में लगा देते। जब लोगों को लत लग जाती तो आरोपी उन्हें हरा देते। यही नहीं कोई व्यक्ति अपने खाते से रकम निकालना चाहे तो तकनीकी बहाना बनाकर टाल देते। कोई दबाव बनाता तो उसका अकाउंट ही सस्पेंड कर दिया जाता।

ऐसे पकड़ा गया यह गिरोह

नोएडा पुलिस ने बताया कि सूचना मिली थी कि गौड़ सिटी क्षेत्र में एक कार्यालय में ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर अवैध गतिविधियां की जा रही हैं। इस पर तुरंत पुलिस की एक टीम गठित की गई और गौड़ सिटी सेंटर के चौथे तल पर छापामारी कर इस गिरोह को रंगे हाथों दबोच लिया। मौके से 18 मोबाइल, 4 लैपटॉप, 155 फर्जी सिम कार्ड, 2 कंप्यूटर मॉनिटर, 10 डेटा शीट, 10 कॉलिंग हेडफोन समेत अन्य सामान के साथ ही 45000 रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा 50 से अधिक क्यूआर कोड बरामद किए हैं, जिसकी सहायता से लोगों से भुगतान कराया जाता था।

कंपनी के नाम पर की जा रही थी ठगी

पुलिस ने बताया कि यह गिरोह ट्रेंट्रैक इनोवेटिव सॉल्यूशन नाम से पिछले छह महीने से फर्जी कंपनी चला रही थी। पूछताछ में पता चला कि आरोपियों ने अलग-अगल राज्यों से मोबाइल के सिम कार्ड, पासबुक और क्यूआर कार्ड इत्यादि का इंतजाम किया और इसके बाद लोगों को ऑनलाइन गेमिंग खिलाकर लूटने का काम शुरू कर दिया। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान अजय सिंह, गर्व, सोनल उर्फ अनिरुद्ध, रुचि, कोमल, सुषमा, तनीषा और सोनिया सिंह के रूप में हुई है। सोनल उर्फ अनिरुद्ध (32 साल) को छोड़कर सभी आरोपियों की उम्र 20 से 25 साल के बीच है। सभी अलग-अलग राज्यों के रहने वाले हैं। बहरहाल, पूछताछ जारी है, जिसके बाद गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों के नामों का भी खुलासा होने की उम्मीद है।  

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