Ankita Bhandari Murder Case: दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा- दुष्यंत गौतम वाली पोस्ट तुरंत हटाएं; सौरभ भारद्वाज ने किया इनकार
आम आदमी पार्टी और कांग्रेस को 24 घंटे के भीतर बीजेपी महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम से जुड़ी पोस्ट हटाने का निर्देश दिया है। साथ ही पक्षकारों से भी ऐसे कंटेंट का प्रचार न करने को कहा है। हाईकोर्ट के इस फैसले पर आप नेता सौरभ भारद्वाज भड़क गए हैं।
बीजेपी महासचिव दुष्यंत कुमार गौतम और आप दिल्ली के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को भाजपा नेता दुष्यंत कुमार गौतम को 2022 के अंकिता भंडारी हत्याकांड से जोड़ने वाली सोशल मीडिया पोस्ट को 24 घंटे के भीतर हटाने का निर्देश दिया है। साथ ही, सभी पक्षकारों को भी ऐसा कोई कंटेंट या पोस्ट प्रसारित न करने का निर्देश दिया है, जिसमें वीआईपी के तौर पर दुष्यंत कुमार गौतम की तरफ संकेत दिया जाए। खास बात है कि दिल्ली हाईकोर्ट के इस फैसले पर आम आदमी पार्टी, दिल्ली के अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज भड़क गए हैं।
उन्होंने एक्स पर लिखा, 'मैं इस पोस्ट को डिलीट नहीं करूंगा। आप जो चाहें करें। मैं इसके लिए जेल जाने को भी तैयार हूं।' दरअसल, उन्होंने 29 दिसंबर को एक्स पर वीडियो पोस्ट किया था। उन्होंने लिखा था कि भाजपा की पुलिस ने यह कभी नहीं बताया कि 19 साल की 'अंकिता भण्डारी' को किस वीआईपी गेस्ट को स्पेशल सर्विस देने के लिये दबाव बनाया जा रहा था। कौन था वो वीआईपी गेस्ट, भाजपा सरकार इस पर चुप क्यों है? हिंदू संगठन कहां है?
'मानहानि वाले वीडियो हटाने होंगे'
अधिवक्ता और बीजेपी नेता गौरव भाटिया ने कहा कि दुष्यंत गौतम मामले में उच्च न्यायालय ने विभिन्न प्रतिवादियों को कांग्रेस पार्टी और आम आदमी पार्टी के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से दुर्भावनापूर्ण मानहानिकारक पोस्ट तुरंत हटाने का निर्देश दिया है। यह कांग्रेस पार्टी और आम आदमी पार्टी द्वारा की जा रही गंदी राजनीति का मुंहतोड़ जवाब है।
अंकिता भंडारी केस को लेकर प्रदर्शन जारी
उत्तराखंड में सितंबर 2022 में एक होटल की 19 वर्षीय रिसेप्शनिस्ट अंकिता भंडारी की हत्या हुई थी। मामले में बीजेपी नेता के बेटे पुलकित आर्य को गिरफ्तार किया गया था। निचली अदालत ने पुलकित आर्य और दो अन्य आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है, लेकिन अभी तक राज्य में जगह-जगह विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। मांग कर रहे हैं कि इस मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिए। बीजेपी महासचिव दुष्यंत गौतम का नाम जब अंकिता भंडारी मर्डर केस में खींचा जाने लगा तो उन्होंने मानहानि की याचिका दायर कर दी। अब दिल्ली हाईकोर्ट ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी को निर्देश दिया है कि उनसे जुड़ी पोस्ट को 24 घंटे के भीतर हटा लिया जाए।