Meghalaya Coal Mine Blast: मेघालय में अवैध कोयला खदान में धमाका, 10 मजदूरों की मौत; मलबे में और लोगों के फंसे होने की आशंका
मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स में अवैध कोयला खदान में डायनामाइट विस्फोट से 10 मजदूरों की मौत। रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, मलबे में और लोगों के फंसे होने की आशंका।
मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स में अवैध कोयला खदान में डायनामाइट विस्फोट से 10 मजदूरों की मौत।
Meghalaya Coal Mine Blast News: मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले से एक दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। गुरुवार को एक दूरदराज इलाके में स्थित अवैध कोयला खदान में हुए भीषण विस्फोट ने इलाके को दहला दिया। इस हादसे में अब तक 10 मजदूरों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि कई अन्य के दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
कैसे हुआ हादसा?
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, यह हादसा अवैध खनन के दौरान डायनामाइट विस्फोट के कारण हुआ। विस्फोट इतना तेज था कि पहाड़ी का एक हिस्सा ढह गया और वहां काम कर रहे मजदूर मलबे में दब गए। प्रशासन को डर है कि अंदर और भी लोग फंसे हो सकते हैं।
रेस्क्यू ऑपरेशन जारी, एजेंसियां मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही बम निरोधक दस्ता, फोरेंसिक टीम, राज्य आपदा मोचन बल (SDRF) और अग्निशमन विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है, ताकि मलबे में दबे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकाला जा सके।
अब तक जानकारी सामने आई
ईस्ट जयंतिया हिल्स के पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने बताया कि यह एक डायनामाइट विस्फोट का मामला है। अब तक चार शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि एक गंभीर रूप से झुलसे मजदूर को बेहतर इलाज के लिए शिलांग रेफर किया गया है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा।
पहले भी हो चुके हैं ऐसे हादसे
यह पहली बार नहीं है जब थांगस्को क्षेत्र में इस तरह की घटना हुई हो। इससे पहले 23 दिसंबर 2025 को भी इसी इलाके में विस्फोट हुआ था, जिसमें दो खनिकों की जान चली गई थी। लगातार हो रही घटनाओं ने प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
रैट-होल माइनिंग पर पहले से है प्रतिबंध
गौरतलब है कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) ने अप्रैल 2014 में मेघालय में खतरनाक और अवैज्ञानिक ‘रैट-होल’ कोयला खनन पर पूरी तरह रोक लगा दी थी। इसके बावजूद राज्य के कई इलाकों में अवैध खनन और कोयले का परिवहन अब भी जारी है।
न्यायिक निगरानी और सरकार के दावे
मेघालय हाई कोर्ट की ओर से कोयला मामलों की निगरानी के लिए नियुक्त सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति ब्रोजेंद्र प्रसाद काटाके पहले ही चेतावनी दे चुके हैं कि सरकारी आश्वासनों के बावजूद अवैध खनन रुका नहीं है। वहीं मुख्यमंत्री कोनराड संगमा का दावा रहा है कि जिला प्रशासन ने अवैध खनन से जुड़े 1,000 से अधिक मामलों में कार्रवाई की है।