शाह बनाम ममता: 'मेरे पास अमित शाह के खिलाफ सबूतों वाली पेन ड्राइव, हद पार हुई तो कर दूंगी खुलासा' - ममता
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अमित शाह के खिलाफ 'पेन ड्राइव' में पुख्ता सबूत होने का दावा कर सियासी हड़कंप मचा दिया है।
इस पूरे प्रकरण ने अब कानूनी लड़ाई का रूप ले लिया है।
नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और केंद्र सरकार के बीच चल रहा टकराव अब एक बेहद निजी और तीखे मोड़ पर आ गया है। कोलकाता में चुनावी रणनीतिकार संस्था I-PAC के दफ्तर पर हुई प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारी के बाद ममता बनर्जी ने गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक तौर पर यह दावा करके सनसनी फैला दी है कि उनके पास ऐसे डिजिटल साक्ष्य हैं जो सीधे तौर पर गृह मंत्री की मुश्किलों को बढ़ा सकते हैं। इस बयान के बाद बंगाल से लेकर दिल्ली तक की राजनीति में हड़कंप मच गया है।
अमित शाह के खिलाफ पेन ड्राइव का सनसनीखेज दावा
ममता बनर्जी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए स्पष्ट रूप से अमित शाह का नाम लिया और कहा कि उनके पास ऐसी 'पेन ड्राइव' मौजूद हैं जिनमें गृह मंत्री के खिलाफ चौंकाने वाले सबूत हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे अब तक संवैधानिक पद की गरिमा और देश के प्रति अपने प्रेम के कारण चुप थीं, लेकिन भाजपा जिस तरह से केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल कर रही है, उसके बाद उनकी चुप्पी टूट सकती है।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उन्हें और अधिक उकसाया गया, तो वे उन पेन ड्राइव का डेटा सार्वजनिक कर देंगी, जिससे अमित शाह का असली चेहरा जनता के सामने आ जाएगा।
छापेमारी के दौरान ममता का हस्तक्षेप और फाइलों पर कब्जा
विवाद तब और गहरा गया जब ED की टीम साल्ट लेक स्थित I-PAC के दफ्तर और प्रतीक जैन के घर पर जांच के लिए पहुंची। खबर मिलते ही ममता बनर्जी खुद वहां पहुंच गईं और छापेमारी का कड़ा विरोध किया। एजेंसी का आरोप है कि मुख्यमंत्री ने छापेमारी की कार्यवाही में दखल दिया और वहां से कुछ महत्वपूर्ण फाइलें और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण अपने साथ ले गईं।
ममता बनर्जी का तर्क है कि भाजपा एजेंसियां उनकी पार्टी की गुप्त चुनावी रणनीतियां चुराने की कोशिश कर रही थीं, जिसे रोकना एक मुख्यमंत्री के तौर पर उनका कर्तव्य था।
केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग पर तीखा हमला
मुख्यमंत्री ने अमित शाह पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि वे केंद्रीय सुरक्षा बलों और जांच एजेंसियों को अपने निजी राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब चुनाव सिर पर हैं, तभी ED को छापेमारी की याद क्यों आई।
ममता ने यह भी कहा कि गृह मंत्री के इशारे पर उनके करीबियों को निशाना बनाया जा रहा है ताकि चुनाव में टीएमसी को कमजोर किया जा सके, लेकिन वे किसी भी धमकी के आगे झुकने वाली नहीं हैं।
कानूनी मोर्चे पर बढ़ा तनाव और हाई कोर्ट की कार्यवाही
इस पूरे प्रकरण ने अब कानूनी लड़ाई का रूप ले लिया है। ED ने कलकत्ता हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल कर मुख्यमंत्री पर जांच में बाधा डालने और सबूतों के साथ छेड़छाड़ करने का संगीन आरोप लगाया है। वहीं, टीएमसी ने इस छापेमारी को निजता का हनन बताया है।
कोर्ट में होने वाली सुनवाई और ममता बनर्जी द्वारा पेन ड्राइव के संबंध में किए गए दावों ने बंगाल की राजनीति में एक नया सस्पेंस पैदा कर दिया है, जिससे आने वाले दिनों में और बड़े खुलासों की उम्मीद जताई जा रही है।