आर्मी डे पर शक्ति प्रदर्शन: परेड में दिखी भारतीय सेना की ताकत, ब्रह्मोस मिसाइल और अर्जुन टैंक ने खींचा ध्यान, देखें Video
Army Day: 78वें सेना दिवस पर जयपुर में भव्य परेड आयोजित की गई। ब्रह्मोस मिसाइल, अर्जुन टैंक और आधुनिक हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन, वीर जवानों को मिला सम्मान।
78वें सेना दिवस पर जयपुर में भव्य परेड आयोजित की गई।
Army Day: 78वें सेना दिवस के अवसर पर गुरुवार, 15 जनवरी को जयपुर के महाल रोड पर भव्य आर्मी डे परेड का आयोजन किया गया। इस परेड में भारतीय सेना की आधुनिक सैन्य ताकत और स्वदेशी हथियार प्रणालियों का शानदार प्रदर्शन देखने को मिला। इस ऐतिहासिक परेड में थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी विशेष रूप से मौजूद रहे।
परेड के दौरान अत्याधुनिक हथियार प्रणालियों, बख्तरबंद वाहनों और सुपरसोनिक ब्रह्मोस मिसाइल ने दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया।
वीर जवानों को मरणोपरांत शौर्य सम्मान
परेड से पहले सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने अदम्य साहस और बलिदान के लिए वीर जवानों को सेना मेडल (गैलेंट्री) से सम्मानित किया। मरणोपरांत यह सम्मान प्राप्त करने वालों में सूबेदार मेजर पवन कुमार, हवलदार सुनील कुमार, लांस नायक दिनेश कुमार, लांस नायक सुभाष कुमार और लांस नायक प्रदीप कुमार शामिल रहे।
शौर्य चक्र विजेताओं को सलामी
सम्मान समारोह के बाद परेड कमांडर के नेतृत्व में परमवीर चक्र, अशोक चक्र, महावीर चक्र और कीर्ति चक्र से सम्मानित वीरों को विशेष सलामी दी गई। इस दौरान तीन चेतक हेलीकॉप्टरों ने आकाश से पुष्पवर्षा कर वीर जवानों को नमन किया।
COAS जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने दी बधाई
सेना दिवस पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए COAS जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने कहा, "मैं सेना दिवस से जुड़े सैनिकों, पूर्व सैनिकों, अधिकारियों और नागरिकों को बधाई देता हूं। हम उन बहादुरों को सलाम करते हैं जिन्होंने ड्यूटी के दौरान अपनी जान कुर्बान कर दी। लोगों की बड़ी संख्या सेना और जनता के बीच गहरे रिश्ते को दिखाती है। आपका समर्थन हमारे सैनिकों को प्रोत्साहित करता है।"
परेड में दिखी सेना की विरासत और आधुनिक शक्ति
परेड में 61 कैवेलरी की अश्वारोही टुकड़ी ने भारतीय सेना की गौरवशाली सैन्य परंपरा को प्रस्तुत किया। इसके साथ ही सेना की आधुनिक मारक क्षमता को दर्शाते हुए कई उन्नत हथियार और वाहन प्रदर्शित किए गए, जिनमें- अर्जुन मुख्य युद्धक टैंक, के-9 वज्र तोप प्रणाली, धनुष आर्टिलरी गन, बीएमपी बख्तरबंद वाहन और ब्रह्मोस क्रूज मिसाइल शामिल रहे। यह प्रदर्शन आत्मनिर्भर भारत के तहत विकसित सैन्य तकनीक की झलक भी था।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री समेत कई दिग्गज मौजूद
इस अवसर पर राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी और प्रेमचंद बैरवा सहित कई मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी भी कार्यक्रम में उपस्थित रहे।
क्यों मनाया जाता है सेना दिवस?
सेना दिवस हर साल उस ऐतिहासिक दिन की याद में मनाया जाता है जब जनरल के. एम. करिअप्पा ने वर्ष 1949 में भारतीय सेना के पहले भारतीय कमांडर-इन-चीफ के रूप में कार्यभार संभाला था। बाद में वे भारत के पहले फील्ड मार्शल बने।
सेना दिवस देश की रक्षा में समर्पित जवानों के साहस, त्याग और अनुशासन को नमन करने का प्रतीक है।