CBFC विवाद पर कमल हासन का बड़ा बयान: विजय की ‘जन नायकन’ के सपोर्ट में बोले- 'फिल्म इंडस्ट्री को एकजुट होने का समय है'
थलापति विजय की फिल्म ‘जन नायकन’ को लेकर चल रहे CBFC विवाद पर कमल हासन ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री से एकजुट होने की अपील करते हुए एक पत्र लिखा।
कमल हासन ने थलापति विजय की आगामी फिल्म ‘जन नायकन’ को लेकर CBFC विवाद पर दिया बड़ा बयान
Jana Nayagan Controversy: थलापति विजय की अपकमिंग फिल्म ‘जन नायकन’ 9 जनवरी 2026 को रिलीज़ होने वाली थी, लेकिन सेंसर सर्टिफिकेट न मिलने की वजह से इसकी रिलीज़ टाल दी गई। मामला फिलहाल कोर्ट में है और इसी बीच सिनेमा जगत से इस मुद्दे पर आवाज़ उठनी शुरू हो गई है। दिग्गज अभिनेता कमल हासन ने इस पूरे विवाद पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक लंबा नोट साझा किया है, हालांकि उन्होंने अपने संदेश में न तो विजय का नाम लिया और न ही फिल्म का।
विजय की फिल्म के सपोर्ट में उतरे कमल हासन
उन्होंने लिखा, "कला के लिए, कलाकारों के लिए, संविधान के लिए। भारत का संविधान अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की गारंटी देता है, जो तर्क पर आधारित है और अस्पष्टता से कभी कम नहीं होती। यह मुद्दा सिर्फ एक फिल्म तक सीमित नहीं है, बल्कि यह इस बात को दर्शाता है कि एक संवैधानिक लोकतंत्र में कला और कलाकारों को कितनी जगह दी जाती है। उन्होंने यह भी कहा कि सिनेमा किसी एक व्यक्ति की मेहनत नहीं होता, बल्कि इससे लेखकों, तकनीशियनों, कलाकारों, थिएटर मालिकों और कई छोटे व्यवसायों की रोज़ी-रोटी जुड़ी होती है।"
अपने नोट में कमल हासन ने सेंसर प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी पर सवाल उठाते हुए कहा "जब स्पष्टता नहीं होती, तो रचनात्मकता सीमित हो जाती है और आर्थिक गतिविधियां प्रभावित होती हैं। दर्शक समझदार और परिपक्व हैं और उन्हें कला के प्रति सम्मान और खुलापन मिलना चाहिए। सेंसर बोर्ड की प्रक्रिया में सुधार की जरूरत है जिसमें प्रमाणन के लिए तय समयसीमा, पारदर्शी मूल्यांकन और हर कट या बदलाव के पीछे लिखित और ठोस वजह देना शामिल हो।"
क्या है ‘जन नायकन’ का सेंसरशिप विवाद?
केवीएन प्रोडक्शंस के निर्माता वेंकट के. नारायण ने एक वीडियो बयान में बताया कि 5 जनवरी को, यानी फिल्म की 9 जनवरी को तय रिलीज़ से कुछ दिन पहले, उन्हें सूचित किया गया कि सीबीएफसी फिल्म को रीवाइजिंग कमेटी के पास भेज रही है। उन्होंने दावा किया कि सेंसर बोर्ड की एग्ज़ामिनिंग कमेटी ने दिसंबर में ही फिल्म देख ली थी और ईमेल के ज़रिए यह जानकारी दे दी गई थी कि फिल्म को UA 16+ सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
इस आखिरी समय में आए फैसले के बाद निर्माता ने हाईकोर्ट का रुख किया। 6 और 7 जनवरी को हुई सुनवाई के बाद जज ने CBFC को ‘जन नायकन’ को सर्टिफिकेट सौंपने का आदेश दिया। हालांकि, विजय के फैंस जश्न मना पाते, उससे पहले ही सेंसर बोर्ड ने इस आदेश को चुनौती दे दी। इसके बाद डिवीजन बेंच ने अंतरिम रोक (इंटरिम स्टे) लगा दी।
अब इस मामले की अगली सुनवाई 21 जनवरी को तय की गई है। गौरतलब है कि ‘जन नायकन’ को अभिनेता थलापति विजय की राजनीति में कदम रखने से पहले की आखिरी फिल्म बताया जा रहा है, क्योंकि वह आगामी तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में अपनी पार्टी TVK के साथ चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं।