Budget 2026: मेडिकल एजुकेशन को मिलेगी ताकत, खुलेंगे नए फार्मास्युटिकल और आयुर्वेद संस्थान

केंद्रीय बजट 2026-27 में मोदी सरकार ने एक बार फिर शिक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए मेडिकल और हेल्थ एजुकेशन को मजबूत करने पर खास फोकस किया है।

Updated On 2026-02-01 12:22:00 IST

Budget 2026

केंद्रीय बजट 2026-27 में मोदी सरकार ने एक बार फिर शिक्षा क्षेत्र को प्राथमिकता देते हुए मेडिकल और हेल्थ एजुकेशन को मजबूत करने पर खास फोकस किया है। रविवार को पेश हुए इस बजट के साथ सरकार ने संकेत दिया है कि आने वाले वर्षों में नए फार्मास्युटिकल और आयुर्वेदिक शिक्षा संस्थान खोले जाएंगे, जिससे हेल्थ सेक्टर में कुशल मानव संसाधन तैयार किया जा सके।

यह बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का लगातार 9वां और मोदी सरकार का 15वां केंद्रीय बजट है। अपने भाषण में उन्होंने इसे ‘युवा शक्ति से प्रेरित बजट’ बताया और कहा कि देश की प्रगति के लिए शिक्षा, तकनीक और रोजगार को एक-दूसरे से जोड़ना जरूरी है।

मेडिकल और हेल्थ एजुकेशन पर खास जोर

बजट 2026 में मेडिकल शिक्षा को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप ढालने की दिशा में कदम बढ़ाए गए हैं। सरकार का उद्देश्य है कि फार्मा, आयुर्वेद और आधुनिक चिकित्सा के क्षेत्र में पढ़ाई और रिसर्च को बढ़ावा दिया जाए, ताकि देश में डॉक्टरों, फार्मासिस्ट और हेल्थ प्रोफेशनल्स की कमी को दूर किया जा सके।

एआई और टेक्नोलॉजी से जुड़ेगा एजुकेशन सेक्टर

वित्त मंत्री ने अपने भाषण में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की अहमियत पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि एआई न केवल शिक्षा बल्कि रोजगार सृजन और उत्पादकता बढ़ाने में भी बड़ी भूमिका निभाएगा। इसी दिशा में सरकार इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 शुरू करने जा रही है, साथ ही उद्योगों के सहयोग से रिसर्च और ट्रेनिंग सेंटर विकसित किए जाएंगे।

टियर-2 और टियर-3 शहरों को मिलेगा फायदा

बजट में टियर-2 और टियर-3 शहरों में कॉर्पोरेट मित्र बनाने की घोषणा भी की गई है। इसका उद्देश्य मेडिकल, फार्मा और प्रोफेशनल संस्थानों को बेहतर ट्रेनिंग, आधुनिक सुविधाएं और इंडस्ट्री से सीधा जुड़ाव देना है, जिससे छोटे शहरों के छात्रों को भी बड़े अवसर मिल सकें।

पिछले बजट की बड़ी पहलें

गौरतलब है कि बजट 2025-26 में भी शिक्षा और मेडिकल सेक्टर को लेकर अहम घोषणाएं की गई थीं। इसमें 500 करोड़ रुपये की लागत से एआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना, अटल टिंकरिंग लैब का विस्तार और उच्च शिक्षा संस्थानों में सीटें बढ़ाने जैसे फैसले शामिल थे। सरकार ने शिक्षा को रोजगार और नवाचार से जोड़ने की स्पष्ट रणनीति अपनाई थी।

कुल मिलाकर, बजट 2026 मेडिकल और हेल्थ एजुकेशन को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है, जिससे आने वाले समय में भारत का हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर और भी मजबूत होने की उम्मीद है।

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