Gold-Silver Price: वेनेजुएला संकट से बढ़ी बाजार की बेचैनी, अगले हफ्ते सोना-चांदी और तेल में उछाल के संकेत
वेनेजुएला में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव से वैश्विक बाजारों में हलचल है। 2026 की शुरुआत में सोना, चांदी और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। जानिए आगे बाजार का रुख, निवेशकों के लिए संकेत और संभावित तेजी के कारण।
वेनेजुएला में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव से वैश्विक बाजारों में सोना, चांदी और कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
नई दिल्ली। 2026 की पहली पूर्ण कारोबारी सप्ताह की शुरुआत वैश्विक बाजारों के लिए काफी अहम मानी जा रही है। वेनेजुएला में अचानक हुए भू-राजनीतिक घटनाक्रम और अमेरिका द्वारा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो तथा उनकी पत्नी को हिरासत में लेने की खबर ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। ऐसे समय में निवेशकों का रुझान आमतौर पर जोखिम भरे बाजारों से हटकर सुरक्षित निवेश विकल्पों की ओर हो जाता है। यही वजह है कि सोना और चांदी जैसी कीमती धातुओं में साल की शुरुआत में तेज़ उछाल देखने को मिला।
सोने ने 2026 की शुरुआत मजबूती के साथ की और यह एक समय 1 प्रतिशत से ज्यादा चढ़कर करीब 4,370 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया, जो दशकों में इसके सबसे मजबूत वार्षिक प्रदर्शन की ओर इशारा करता है। चांदी ने भी निवेशकों को आकर्षित किया और 2 प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ यह लगभग 73 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई। डॉलर में कमजोरी, चांदी की सीमित आपूर्ति और उद्योगों से बढ़ती मांग ने इसकी कीमतों को सहारा दिया। साथ ही, अमेरिकी फेडरल रिजर्व के नरम रुख के संकेतों से यह उम्मीद बनी कि आने वाले समय में ब्याज दरों को लेकर राहत मिल सकती है।
हालांकि, सप्ताह के अंत तक बाजार का मिज़ाज बदला और निवेशकों ने मुनाफावसूली शुरू कर दी। इसका असर यह हुआ कि सोना करीब 5 प्रतिशत गिरकर 4,330 डॉलर प्रति औंस से नीचे आ गया, जबकि चांदी में 8 प्रतिशत से ज्यादा की तेज गिरावट दर्ज की गई। एक्सचेंज द्वारा मार्जिन बढ़ाए जाने से भी कई ट्रेडर्स को अपनी पोज़िशन घटानी पड़ी, जिससे गिरावट और गहरी हो गई। भारतीय बाजार में एमसीएक्स पर गोल्ड फ्यूचर्स में हाल के महीनों की सबसे बड़ी एकदिनी गिरावट देखने को मिली और भाव करीब 3.6 प्रतिशत तक फिसल गए।
इसके बाद से सोना सीमित दायरे में कारोबार करता दिख रहा है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अगर कीमतें 1,34,300 से 1,33,200 रुपये प्रति 10 ग्राम के ऊपर टिकती हैं, तो अगले हफ्तों में फिर से तेजी लौट सकती है। लेकिन इन स्तरों के नीचे फिसलने पर और दबाव बन सकता है। कुल मिलाकर, वेनेजुएला संकट ने यह साफ कर दिया है कि 2026 की शुरुआत में भी वैश्विक बाजार भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक संकेतों के प्रति बेहद संवेदनशील बने रहेंगे। सोना और चांदी लंबी अवधि में सुरक्षित निवेश बने हुए हैं, जबकि अल्पकाल में निवेशकों को उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना होगा।