US-Venezuela Tensions Impact: रिकॉर्ड हाई से 1% टूटा रिलायंस का शेयर, ओएनजीसी के शेयरों में 2% से अधिक गिरावट
अमेरिका-वेनेजुएला तनाव का असर भारतीय शेयर बाजार पर दिखने को मिल रहा है। रिलायंस और ONGC शेयरों में भारी गिरावट। निवेशक कच्चे तेल की कीमतों को लेकर सतर्क।
रिकॉर्ड हाई से 1% टूटा रिलायंस का शेयर, ओएनजीसी के शेयरों में 2% से अधिक गिरावट
मुंबई। अमेरिका द्वारा वेनेजुएला पर सैन्य कार्रवाई के बाद वैश्विक तेल बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है, जिसका असर भारतीय शेयर बाजार में तेल और गैस कंपनियों के शेयरों पर भी साफ दिखाई दिया। रिलायंस इंडस्ट्रीज और ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) जैसे दिग्गज शेयरों में सोमवार को तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला। यह हलचल केवल शेयर कीमतों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे भू-राजनीतिक तनाव, कच्चे तेल की कीमतें और कंपनियों के कारोबार मॉडल से जुड़ी गहरी वजहें हैं। रिलायंस इंडस्ट्रीज का शेयर सोमवार को ₹1,611.20 के रिकॉर्ड उच्च स्तर तक पहुंचा, लेकिन इसके बाद मुनाफावसूली और वैश्विक चिंताओं के चलते यह 1% से ज्यादा गिरकर ₹1,588.70 तक आ गया। वहीं, ओएनजीसी के शेयर में और ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
ओएनजीसी का शेयर पहले 2% से अधिक चढ़कर ₹246.55 तक पहुंचा, लेकिन बाद में 2% से ज्यादा टूटकर ₹235.75 के निचले स्तर पर आ गया। इसी दौरान बीएसई ऑयल एंड गैस इंडेक्स भी करीब 1% गिर गया, जबकि एक दिन पहले इसमें अच्छी तेजी देखी गई थी। इस गिरावट की मुख्य वजह अमेरिका और वेनेजुएला के बीच बढ़ता तनाव है। वेनेजुएला दुनिया के सबसे बड़े ज्ञात तेल भंडार वाला देश माना जाता है। ऐसे में वहां किसी भी तरह का सैन्य या राजनीतिक संकट वैश्विक तेल आपूर्ति को प्रभावित कर सकता है। निवेशकों को डर है कि अगर यह संघर्ष लंबा खिंचता है, तो कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है। हालांकि सोमवार को कच्चे तेल की कीमतें नरम रहीं, लेकिन भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्थिति का असर रिलायंस और ओएनजीसी पर अलग-अलग तरीके से पड़ सकता है। ओएनजीसी एक अपस्ट्रीम कंपनी है, यानी वह कच्चे तेल और गैस का उत्पादन करती है। ऐसे में अगर ब्रेंट क्रूड की कीमतें बढ़ती और अस्थिर होती हैं, तो ओएनजीसी को सीधे फायदा हो सकता है। ऊंची तेल कीमतों से उसकी आय, मुनाफा और नकदी प्रवाह मजबूत हो सकते हैं, जबकि उत्पादन पर ज्यादा असर नहीं पड़ता। दूसरी ओर, रिलायंस इंडस्ट्रीज का कारोबार रिफाइनिंग और पेट्रोकेमिकल्स से जुड़ा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी से रिफाइनिंग मार्जिन पर दबाव आ सकता है, जिससे अल्पकाल में शेयर पर असर दिखता है। कुल मिलाकर, यह घटनाक्रम दिखाता है कि भू-राजनीतिक तनाव किस तरह भारतीय बाजार और निवेशकों की रणनीति को प्रभावित करता है।