Closing Bell: बाजार पर बिकवाली का दबाव कायम, सेंसेक्स डे हाई से 500 अंक फिसला; निफ्टी 25150 के पास बंद

Closing Bell today: कमजोर वैश्विक संकेतों और गिरते रुपये से बाजार पर दबाव बढ़ गया है। एफआईआई की लगातार बिकवाली और बैंकिंग शेयरों में गिरावट की वजह से भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को गिरावट देखने को मिली।

Updated On 2026-01-21 16:26:00 IST

Closing Bell stock market

Closing Bell Today: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को भी बिकवाली का दबाव बना रहा। कमजोर वैश्विक संकेतों, गिरते रुपये और बढ़ते जियो पॉलिटिकल टेंशन के बीच सेंसेक्स और निफ्टी लगातार दूसरे दिन कमजोरी के साथ बंद हुए। दिन के कारोबार में तेज उतार-चढ़ाव देखने को मिला लेकिन अंत में बियर्स का पलड़ा भारी रहा।

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 1056 अंक टूटकर 81124 के इंट्राडे निचले स्तर तक पहुंच गया जबकि निफ्टी 312 अंक फिसलकर 24919 पर आ गया। यह चार महीने से ज्यादा समय में पहली बार था जब निफ्टी 25000 के नीचे गया। हालांकि, निचले स्तरों से जोरदार रिकवरी आई और बाजार थोड़ी देर के लिए हरे निशान में भी पहुंचा लेकिन ऊपरी स्तरों पर फिर से बिकवाली हावी हो गई। दिन के हाई से सेंसेक्स करीब 500 अंक फिसला जबकि निफ्टी दोबारा 25150 के नीचे आ गया।

दिन की क्लोजिंग भी लाल निशान में रही। सेंसेक्स 270 अंकों की गिरावट के साथ 81909 पर बंद हुआ जबकि निफ्टी 25157 पर क्लोज हुआ। इससे पहले मंगलवार को सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 1.4 फीसदी की बड़ी गिरावट दर्ज की गई थी, जो 8 महीने में एक दिन की सबसे तेज गिरावट थी।

निफ्टी-50 में ट्रेंट, आइशर मोटर्स और आईसीआईसीआई बैंक जैसे शेयरों में 3 फीसदी तक की गिरावट रही। वहीं टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स और पावर ग्रिड जैसे कुछ शेयरों में हल्की तेजी दिखी। बाजार की चौड़ाई कमजोर रही। करीब 2325 शेयर गिरे जबकि सिर्फ 1180 शेयरों में तेजी आई।

बाजार गिरने की 5 बड़ी वजहें 

  • सबसे बड़ा दबाव रुपये की कमजोरी से आया। रुपया 31 पैसे टूटकर डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड 91.28 के स्तर पर पहुंच गया। विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और वैश्विक अनिश्चितता ने उभरती अर्थव्यवस्थाओं की मुद्राओं पर दबाव बढ़ाया।
  • एफआईआई लगातार बिकवाली कर रहे। मंगलवार को विदेशी निवेशकों ने करीब 2938 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। जनवरी में यह 11वां लगातार सत्र था जब एफआईआई ने नेट सेलिंग की।
  • वैश्विक बाजारों से भी नकारात्मक संकेत मिले। एशियाई बाजारों में जापान, कोरिया और हांगकांग में गिरावट दर्ज की गई। अमेरिकी बाजारों में भी भारी बिकवाली देखने को मिली, जहां नैस्डैक 2.39 फीसदी तक टूट गया।
  • जियोपॉलिटिकल टेंशन भी बाजार की चिंता बढ़ा रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ और ग्रीनलैंड से जुड़े बयानों ने वैश्विक स्तर पर जोखिम से बचने का माहौल बनाया है।
  • बैंकिंग शेयरों में भी तेज बिकवाली रही। बैंक निफ्टी करीब 1.5 फीसदी तक टूटा और आईसीआईसीआई बैंक, एचडीएफसी बैंक, एसबीआई जैसे बड़े शेयर 2 फीसदी तक गिरे।

इसके अलावा मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव दिखा और दोनों सूचकांक करीब 1.5 फीसदी तक टूटे।

(प्रियंका कुमारी)

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