Gold-Silver ETF: सोना-चांदी ईटीएफ में तेज गिरावट के बाद रिकवरी, दिन के लो से कीमतें 8% तक उछलीं

Gold-Silver ETF: सोना-चांदी ईटीएफ में भारी गिरावट के बाद दिन में आंशिक रिकवरी। एमसीएक्स पर गोल्ड कीमतें निचले स्तर से 8% तक उछलीं। विशेषज्ञों का मानना, लंबी अवधि में कीमती धातुओं का आउटलुक अब भी मजबूत।

Updated On 2026-02-02 16:21:00 IST

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Gold-Silver ETF: गोल्ड और सिल्वर से जुड़े एक्सचेंज ट्रेडेड फंड में सोमवार को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। दिन की शुरुआत में जबरदस्त बिकवाली के बाद इन ईटीएफ में आंशिक रिकवरी आई। कीमती धातुओं की कीमतें अपने दिन के निचले स्तर से 8 फीसदी तक उछल गईं। हालांकि ज्यादातर ईटीएफ अब भी लाल निशान में बने हुए हैं।

दिन के कारोबार में एडेलवीस सिल्वर ईटीएफ, कोटक सिल्वर ईटीएफ, और टाटा सिल्वर ईटीएफ पहले 20 फीसदी के लोअर सर्किट तक गिर गए थे। इसके बाद इनमें करीब 10 फीसदी तक की रिकवरी देखने को मिली। वहीं गोल्ड ईटीएफ भी सुबह के सत्र में 9 फीसदी तक टूटे थे लेकिन बाद में गिरावट घटकर करीब 5 फीसदी रह गई। कुछ गोल्ड ईटीएफ तो हरे निशान में भी लौट आए।

सोना-चांदी की कीमतों में कैसी रही चाल?

एमसीएक्स पर मार्च एक्सपायरी वाले गोल्ड फ्यूचर्स दिन में 137065 रुपये प्रति 10 ग्राम तक लुढ़क गए थे लेकिन वहां से 8 फीसदी से ज्यादा की उछाल के साथ 148442 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गए और दिन की पूरी गिरावट की भरपाई कर ली। फरवरी एक्सपायरी वाले कॉन्ट्रैक्ट में करीब 2 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। चांदी के फ्यूचर्स भी निचले स्तर से संभले जरूर लेकिन अब भी गहरी गिरावट में बने हुए हैं।

क्यों गिरे सोना-चांदी और ईटीएफ?

विशेषज्ञों के मुताबिक सोना और चांदी में आई तेज गिरावट की बड़ी वजह मुनाफावसूली रही। पिछले कुछ समय में इन धातुओं में तेज उछाल देखने को मिला था। इसके अलावा डॉलर की मजबूती ने भी दबाव बनाया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फेडरल रिजर्व के नए प्रमुख के तौर पर केविन वार्श को चुना है, जिन्हें ब्याज दरों में कटौती के खिलाफ सख्त रुख के लिए जाना जाता है। इस बयान से बाजारों में हलचल बढ़ी।

इसके साथ ही सीएमई ग्रुप ने मेटल फ्यूचर्स पर मार्जिन बढ़ाने का ऐलान किया। कॉमैक्स गोल्ड फ्यूचर्स का मार्जिन 6 फीसदी से बढ़ाकर 8 फीसदी किया गया है जबकि सिल्वर फ्यूचर्स का मार्जिन 11 फीसदी से बढ़कर 15 फीसदी हो रहा है। इससे भी कीमतों पर दबाव पड़ा।

विशेषज्ञ क्या कहते हैं

बोनांजा के रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी के मुताबिक यह फ्लैश क्रैश जरूरत से ज्यादा तेजी के बाद बाजार का ठंडा होना है, न कि ट्रेंड का उलट जाना। उन्होंने कहा कि सेंट्रल बैंकों की रिकॉर्ड खरीद, चांदी में सप्लाई की कमी और भू-राजनीतिक तनाव लंबी अवधि में कीमतों को सहारा देंगे। फिलहाल सतर्क रहना बेहतर है। रिस्क-रिवॉर्ड के नजरिये से अभी गोल्ड, सिल्वर के मुकाबले ज्यादा बेहतर विकल्प दिखता है।

(प्रियंका कुमारी)

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