Budget 2026: ITR रिवाइज करने के लिए टैक्सपेयर्स को ज्यादा वक्त, देनी होगी मामूली फीस

ITR Revision Budget 2026: बजट 2026 में इनकम टैक्स रिटर्न रिवाइज करने की आखिरी तारीख 31 मार्च तक बढ़ी। अब रिटर्न सुधारने के लिए देना होगा मामूली शुल्क। 12 महीने तक मिलेगा रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने का मौका।

Updated On 2026-02-01 14:43:00 IST

ITR Revision Budget 2026: बजट 2026 में इनकम टैक्स रिटर्न रिवाइज करने की आखिरी तारीख 31 मार्च तक बढ़ी।

ITR Revision Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026 में टैक्सपेयर्स को बड़ी राहत दी। अब इनकम टैक्स रिटर्न में गलती सुधारने के लिए ज्यादा समय मिलेगा। वित्त मंत्री ने ऐलान किया कि आईटीआर रिवाइज करने की आखिरी तारीख 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च कर दी गई। हालांकि, इसके लिए अब एक नाममात्र शुल्क देना होगा।

लोकसभा में बजट भाषण के दौरान वित्त मंत्री सीतारमण ने कहा, 'मैं प्रस्ताव करती हूं कि रिटर्न रिवाइज करने की समय-सीमा 31 दिसंबर से बढ़ाकर 31 मार्च तक की जाए, बशर्ते करदाता एक मामूली शुल्क का भुगतान करें।' यह कदम उन लोगों के लिए राहत लेकर आया है, जो तय समय में रिटर्न सुधार नहीं कर पाते थे।

आसान शब्दों में समझें तो अगर किसी करदाता को अपने पहले भरे गए आईटीआर में कोई गलती, चूक या गलत जानकारी का अहसास होता है, तो वह ई-फाइलिंग पोर्टल के जरिए संशोधित रिटर्न दाखिल कर सकता है। संशोधित रिटर्न मूल रिटर्न की जगह ले लेता है और वही अंतिम माना जाता है।

फॉरविस मजार्स इंडिया में डायरेक्ट टैक्स के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अवनीश अरोड़ा के मुताबिक, 'अब करदाताओं को ज्यादा लचीलापन मिलेगा। रिटर्न रिवाइज करने की समय-सीमा टैक्स ईयर खत्म होने के 9 महीने से बढ़ाकर 12 महीने कर दी गई। यानी जो लोग देर से रिटर्न फाइल करते हैं, उन्हें भी सुधार का मौका मिलेगा। हालांकि 9 महीने के बाद मामूली शुल्क देना पड़ सकता है।'

ITR रिवाइज से जुड़े जरूरी नियम भी जानना जरूरी है। आयकर रिटर्न का संशोधन आयकर अधिनियम की धारा 139(5) के तहत किया जाता है। एक बार रिवाइज्ड रिटर्न फाइल हो जाने के बाद वही अंतिम रिटर्न माना जाता। अगर रिटर्न प्रोसेस हो चुका है और रिफंड भी मिल गया है, तब भी तय समय-सीमा के भीतर संशोधित रिटर्न दाखिल किया जा सकता।

हालांकि, अगर असेसिंग ऑफिसर धारा 143(3) के तहत असेसमेंट पूरा कर चुका है, तो उसके बाद रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने की अनुमति नहीं होती। एक और राहत की बात यह है कि 31 दिसंबर तक संशोधित रिटर्न फाइल करने पर कोई पेनल्टी या अतिरिक्त चार्ज नहीं लगेगा। कुल मिलाकर, बजट 2026 का यह प्रावधान उन करदाताओं के लिए फायदेमंद है, जो अनजाने में हुई गलतियों को बिना बड़े डर के सुधारना चाहते हैं।

(प्रियंका कुमारी)

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