अमेज़न में फिर छंटनी: 14 हजार कर्मचारियों की होगी छुट्टी, AI के बढ़ते असर के बीच बड़ा फैसला

Amazon layoffs: अमेज़न ने अपने कॉर्पोरेट वर्कफोर्स से 14 हजार कर्मचारियों की छंटनी का ऐलान किया। कंपनी का कहना है कि ये कदम नौकरशाही घटाने और संसाधन बेहतर ढंग से इस्तेमाल करने के लिए है।

Updated On 2025-10-28 17:09:00 IST

Amazon Layoffs: अमेजन 14 हजार कर्मचारियों की छुट्टी करेगा।  

Amazon layoffs: ई-कॉमर्स दिग्गज अमेज़न ने एक बार फिर बड़े स्तर पर छंटनी का ऐलान किया। कंपनी अपने कॉर्पोरेट वर्कफोर्स से करीब 14 हजार कर्मचारियों को नौकरी से निकालने जा रही। यह कदम कंपनी की चल रही री-स्ट्रक्चरिंग प्रक्रिया का हिस्सा है, जिसका मकसद कामकाज को ज्यादा प्रभावी बनाना और अनावश्यक परतों को हटाना है।

अमेज़न की सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (पीपल एक्सपीरियंस एंड टेक्नोलॉजी) बेथ गैलेटी ने मंगलवार को एक ब्लॉग पोस्ट में कहा, 'आज जो कटौती की जा रही है, वह हमारी टीम को और मजबूत बनाने की दिशा में एक और कदम है। हम नौकरशाही घटा रहे, काम की परतें हटा रहे हैं और अपने संसाधनों को उन क्षेत्रों में लगा रहे हैं जो ग्राहकों के वर्तमान और भविष्य के लिए सबसे अहम हैं।' हालांकि रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, यह संख्या बढ़कर 30 हजार नौकरियों तक जा सकती है।

अमेज़न के पास 30 जून तक कुल 1.55 मिलियन कर्मचारी थे। अब यह छंटनी उस वक्त हो रही है जब कंपनी अपने सितंबर तिमाही के नतीजे घोषित करने की तैयारी कर रही है।

अमेज़न के सीईओ एंडी जेस्सी के कार्यकाल में यह तीसरी बड़ी छंटनी है। उन्होंने 2022 के अंत और 2023 की शुरुआत में चरणबद्ध तरीके से करीब 27 हजार कॉर्पोरेट कर्मचारियों की छंटनी की थी। जेस्सी लगातार यह संकेत देते आए हैं कि कंपनी आने वाले समय में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर अधिक निर्भर होने जा रही है, जिससे कई पारंपरिक नौकरियों की जरूरत खत्म हो सकती।

जेस्सी का कहना है कि अमेज़न महामारी के समय भारी भर्ती के कारण अब भी बोझिल बना हुआ है। इसलिए अब कंपनी एआई और ऑटोमेशन के जरिए कई प्रक्रियाओं को स्वचालित करने पर फोकस कर रही है।

सूत्रों के मुताबिक, इस साल गर्मियों में अमेज़न ने कर्मचारी घटाने के आक्रामक लक्ष्य तय किए और अपने लॉजिस्टिक्स और एडवर्टाइजिंग डिवीज़न में खाली पड़े पदों को भरना भी बंद कर दिया। यह कदम टेक इंडस्ट्री में बढ़ती एआई आधारित स्वचालन की लहर की ओर भी इशारा करता है, जिसमें माइक्रोसॉफ्ट, गूगल और मेटा जैसी दिग्गज कंपनियां भी अपने ऑपरेशंस को ऑटोमेटेड बनाने की दिशा में काम कर रही हैं।

(प्रियंका कुमारी)

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