Closing Bell: 3 दिन की तेजी के बाद सेंसेक्स 600 अंक तक टूटा, निफ्टी 25600 के नीचे, क्यों बाजार गिरा?
Closing Bell: तीन दिन की तेजी के बाद सेंसेक्स 600 अंक टूटा है। निफ्टी 25600 के नीचे फिसल गया। मेटल शेयरों में जोरदार बिकवाली हुई, कमजोर ग्लोबल संकेत और मुनाफावसूली के कारण बाजार में दबाव रहा।
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Closing Bell: शेयर बाजार में तीन दिन की लगातार तेजी के बाद गुरुवार को गिरावट देखने को मिली। कमजोर ग्लोबल संकेतों, मेटल शेयरों में बिकवाली और मुनाफावसूली के चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में बंद हुए। दोपहर करीब 2:15 बजे सेंसेक्स 600 अंक यानी 0.72% गिरकर 83217.19 पर पहुंच गया था जबकि निफ्टी 180.25 अंक यानी 0.7% टूटकर 25595.75 पर आ गया।
गिरावट सिर्फ बड़े शेयरों तक सीमित नहीं रही। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी भारी दबाव दिखा। निफ्टी मिडकैप100 इंडेक्स करीब 1 फीसदी और स्मॉलकैप100 इंडेक्स 1.5% तक गिर गया। निफ्टी-50 में हिंडाल्को, इंटरग्लोब एविएशन और टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स जैसे शेयर 4 फीसदी तक टूटे जबकि हिंदुस्तान यूनिलीवर और एसबीआई जैसे शेयर 2% तक चढ़े। मार्केट ब्रेड्थ भी कमजोर ही रही। 1368 शेयर चढ़े, 1997 गिरे और 159 स्थिर रहे।
मेटल शेयरों में बिकवाली
बाजार में गिरावट की सबसे बड़ी वजह मेटल शेयरों में बिकवाली रही। मजबूत डॉलर के कारण ग्लोबल मेटल कीमतों में गिरावट आई, जिससे सेक्टर इंडेक्स करीब 2% टूट गया। पिछले तीन सत्रों में यह इंडेक्स 6 फीसदी तक चढ़ चुका था, इसलिए मुनाफावसूली भी देखने को मिली। हालिया तेजी के बाद निवेशकों ने मुनाफा वसूला।
भारत-यूएस ट्रेड डील से बाजार को बल मिला
भारत-अमेरिका ट्रेड डील की उम्मीद से बाजार में पिछले सत्रों में 3.8% तक तेजी आई थी। हालांकि आईटी और पीएसयू बैंक सेक्टर में कुछ मजबूती रही। आईटी शेयरों में पिछले सत्र की भारी गिरावट के बाद हल्की रिकवरी दिखी।
वैश्विक बाजार से कमजोर संकेत
वैश्विक बाजारों से भी कमजोर संकेत मिले। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 3% से ज्यादा गिरा जबकि जापान, चीन और हांगकांग के बाजार भी दबाव में रहे। अमेरिकी बाजारों में भी कमजोरी रही और वॉल स्ट्रीट फ्यूचर्स लाल निशान में दिखे।
एफआईआई का निवेश कमजोर
एफआईआई निवेश भी कमजोर रहा। विदेशी निवेशकों ने बुधवार को सिर्फ 29.79 करोड़ रुपये की खरीदारी की, जो पिछले दिन के मुकाबले काफी कम थी। साथ ही आरबीआई की मौद्रिक नीति बैठक के नतीजों से पहले निवेशक सतर्क रहे। एसबीआई की रिपोर्ट के मुताबिक ब्याज दरों में फिलहाल बदलाव की उम्मीद कम है।
इंडिया विक्स बढ़कर 12.28 पर पहुंच गया, जो बाजार में डर और अस्थिरता बढ़ने का संकेत है। गुरुवार को सेंसेक्स डेरिवेटिव्स एक्सपायरी भी थी, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहा।
(प्रियंका कुमारी)