SUV Camera: कैसे काम करता है गाड़ी में लगा 360-डिग्री कैमरा सिस्टम? जानें जरूरी डिटेल

अपनी गाड़ी के 360-डिग्री कैमरा सिस्टम को समय-समय पर सही तरीके से कैलिब्रेट कराना बेहद जरूरी है, ताकि सुरक्षा और ड्राइविंग अनुभव दोनों बेहतर बने रहें।

Updated On 2026-01-21 20:29:00 IST

गाड़ी 360-डिग्री कैमरा सिस्टम कैसे काम करता है

SUV Camera: ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री तेजी से बदल रही है और हर नई कार में एडवांस टेक्नोलॉजी को शामिल किया जा रहा है। आज के समय में एडवांस्ड सेफ्टी फीचर्स केवल प्रीमियम कारों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि मिड-सेगमेंट गाड़ियों में भी आम होते जा रहे हैं। इन्हीं फीचर्स में से एक है सराउंड व्यू कैमरा सिस्टम, जिसे आमतौर पर 360-डिग्री कैमरा कहा जाता है। यह सिस्टम ड्राइवर को गाड़ी के चारों ओर का पूरा व्यू दिखाकर ड्राइविंग और पार्किंग को आसान बनाता है।

क्या होता है 360-डिग्री कैमरा सिस्टम

सराउंड व्यू कैमरा सिस्टम में गाड़ी के फ्रंट, रियर और दोनों साइड में लगे वाइड-एंगल कैमरे रियल-टाइम वीडियो कैप्चर करते हैं। यह सभी कैमरे मिलकर एक वर्चुअल टॉप-व्यू बनाते हैं, जिससे ड्राइवर को ऐसा लगता है जैसे वह गाड़ी को ऊपर से देख रहा हो। इसका सबसे बड़ा फायदा ब्लाइंड स्पॉट कम होना और तंग जगहों में बेहतर कंट्रोल मिलना है।

360 कैमरा कैसे करता है काम

इस सिस्टम में इमेज प्रोसेसिंग सॉफ्टवेयर कैमरों से आने वाली फुटेज को सुधारता है, लेंस डिस्टॉर्शन ठीक करता है और सभी इमेज को स्टिच करके एक स्मूथ 360-डिग्री व्यू बनाता है। यह व्यू कार की इंफोटेनमेंट स्क्रीन पर रियल टाइम में दिखाई देता है।

सेफ्टी कैसे बढ़ाता है यह सिस्टम

360-डिग्री कैमरा सिस्टम को जब ADAS फीचर्स के साथ जोड़ा जाता है, तो यह सेफ्टी को और बेहतर बना देता है। इसमें ब्लाइंड-स्पॉट मॉनिटरिंग, रियर क्रॉस ट्रैफिक अलर्ट, ऑटो पार्किंग असिस्ट, पैदल यात्री और बाधा पहचान जैसी सुविधाएं शामिल होती हैं, जो दुर्घटना के खतरे को कम करती हैं।

कैलिब्रेशन क्यों जरूरी है

360-डिग्री कैमरा सही तरीके से काम करे, इसके लिए सभी कैमरों का गाड़ी की ज्योमेट्री के अनुसार सही अलाइन होना जरूरी है। हल्की टक्कर, बंपर या विंडशील्ड रिप्लेसमेंट, सस्पेंशन या टायर बदलने से कैमरे का एंगल बिगड़ सकता है। ऐसे में कैलिब्रेशन जरूरी हो जाता है, ताकि सिस्टम सही दूरी और दिशा को पहचान सके।

गलत कैलिब्रेशन से क्या दिक्कतें आती हैं

अगर कैमरा सही तरह से कैलिब्रेट न हो, तो टॉप-व्यू गलत दिख सकता है, बाधाएं सही से डिटेक्ट नहीं होंगी और ऑटो पार्किंग जैसे फीचर्स ठीक से काम नहीं करेंगे। इससे ड्राइवर गलत फैसले ले सकता है, जो खतरनाक साबित हो सकता है।

(मंजू कुमारी)

Tags:    

Similar News