मध्यप्रदेश में जैसे-जैसे पुलिस साइबर अपराधों को लेकर सतर्क और सक्रिय हो रही है, वैसे-वैसे ठग भी लोगों को फंसाने के नए तरीके आजमा रहे हैं। ताजा मामला सरकारी कर्मचारियों को वेतन बढ़ोतरी के नाम पर ठगने की कोशिश से जुड़ा है। इस नए साइबर फ्रॉड को देखते हुए इंदौर क्राइम ब्रांच को बाकायदा एडवाइजरी जारी करनी पड़ी है।
दरअसल, कई सरकारी कर्मचारियों के मोबाइल पर “8वें वेतन आयोग में आपकी सैलरी कितनी होगी” जैसे मैसेज भेजे जा रहे हैं। इन मैसेज के साथ एक APK फाइल भी अटैच रहती है। जैसे ही कोई कर्मचारी इस फाइल को डाउनलोड करता है, उसके मोबाइल और बैंक अकाउंट की जानकारी साइबर ठगों के हाथ लग सकती है और कुछ ही समय में खाते से पैसे गायब हो सकते हैं।
इंदौर क्राइम ब्रांच ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि कोई भी सरकारी कर्मचारी या अधिकारी किसी भी तरह की APK फाइल को डाउनलोड न करें, खासकर अगर वह अनजान नंबर या संदिग्ध मैसेज के साथ आई हो। एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया ने बताया कि यह साइबर ठगी का एक नया तरीका है, जिसे रोकने के लिए लोगों का जागरूक होना बेहद जरूरी है।
पुलिस का कहना है कि वेतन आयोग या सैलरी से जुड़ी कोई भी आधिकारिक जानकारी कभी भी APK फाइल के जरिए नहीं भेजी जाती। ऐसे मामलों में तुरंत मैसेज को डिलीट करें और जरूरत पड़ने पर साइबर सेल या नजदीकी पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराएं। समय रहते सतर्कता ही इस तरह की ठगी से बचने का सबसे बड़ा हथियार है।