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डोनाल्ड ट्रम्प और इजराइल ने अयातुल्ला खामेनेई की मौत का दावा किया है, जबकि ईरान ने इसे झूठ बताया है।

नई दिल्ली : पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष अब अपने सबसे निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने 'ट्रुथ सोशल' पर एक पोस्ट के माध्यम से दावा किया है कि इजराइली और अमेरिकी हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। ट्रम्प ने इसे इतिहास के सबसे क्रूर व्यक्तियों में से एक का अंत बताते हुए ईरानी जनता और पूरी दुनिया के लिए न्याय करार दिया है। हलांकि, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने इन दावों को गलत बताते हुए कहा है कि सुप्रीम लीडर जिंदा हैं और उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है।

​इजराइल का दावा: मलबे से बरामद हुआ खामेनेई का शव

इजराइली अधिकारियों ने सीएनएन को दिए बयान में दावा किया है कि उनके पास अयातुल्ला खामेनेई के शव की तस्वीरें हैं, जिसे मलबे से बरामद किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइल और अमेरिका ने एक 'जॉइंट अटैक' में खामेनेई के घर और कार्यालय को पूरी तरह तबाह कर दिया है। रॉयटर्स ने भी सूत्रों के हवाले से पुष्टि की है कि खामेनेई का शव हवाई हमले के बाद ढही हुई इमारत के नीचे मिला है।

​ईरान की जवाबी कार्रवाई: 9 देशों पर दागीं 400 मिसाइलें

​इजराइल और अमेरिका के हमलों के जवाब में ईरान ने भी प्रचंड पलटवार किया है। ईरान ने दावा किया है कि उसने इजराइल समेत मिडिल ईस्ट के 9 देशों में स्थित सैन्य ठिकानों पर करीब 400 मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। इस जवाबी हमले में कतर, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, सऊदी अरब और यूएई (UAE) में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया गया है।

​खामेनेई के परिजनों और छात्रों की मौत से मची चीख-पुकार

​ईरानी सरकारी न्यूज़ एजेंसी 'फ़ार्स' ने पुष्टि की है कि इजराइली हमलों में अयातुल्ला खामेनेई की बेटी, दामाद, पोती और बहू की मौत हो गई है। इसके अलावा, ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार, अब तक इन हमलों में 200 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 740 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। ईरान के एक स्कूल पर हुई मिसाइल गिरने से 85 छात्रों की मौत की भी हृदयविदारक खबर सामने आई है।

​होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को ईरान ने किया बंद

​युद्ध की स्थिति को देखते हुए ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को बंद करने की घोषणा कर दी है। ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद जहाजों को रेडियो संदेश भेजकर इस मार्ग से न गुजरने की चेतावनी दी है। बता दें कि यह मार्ग वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए बेहद अहम है, और इसके बंद होने से दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहराने की आशंका है।

​दुबई के बुर्ज खलीफा और पाम होटल के पास धमाके

​ईरान ने अपने पलटवार का दायरा बढ़ाते हुए यूएई के सबसे घनी आबादी वाले शहर दुबई को भी निशाना बनाया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, दुबई के प्रसिद्ध 'पाम होटल एंड रिसॉर्ट' और दुनिया की सबसे ऊंची इमारत 'बुर्ज खलीफा' के पास ड्रोन हमले किए गए हैं। बहरीन में भी कई रिहायशी इमारतों को निशाना बनाए जाने की खबरें हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय में हड़कंप मच गया है।

​ऑपरेशन 'लायन रोर' बनाम 'खत्म-ए-तूफान'

​इस सैन्य संघर्ष के कोडनेम भी सामने आए हैं। इजराइल ने ईरान पर अपने हमलों के अभियान का नाम 'लायन रोर' रखा है, जबकि अमेरिका ने इसे 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नाम दिया है। दूसरी ओर, ईरान की सेना ने अपनी जवाबी कार्रवाई को 'खत्म-ए-तूफान' का नाम दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति वार रूम से इन हमलों की लाइव मॉनिटरिंग कर रहे हैं।

​दुनिया भर में तीखी प्रतिक्रिया: चीन और रूस ने की निंदा

​इस हमले के बाद वैश्विक राजनीति में भी उबाल आ गया है। चीन ने ट्रम्प को शांति के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा बताते हुए कहा है कि ईरान की संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और बिना उकसावे की गई कार्रवाई बताया है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने युद्ध की जगह शांति प्रयासों को प्राथमिकता देने की अपील की है।

​भारत की चिंता और कूटनीतिक सक्रियता

​पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालातों पर भारत ने भी गहरी चिंता जताई है। भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची से फोन पर बात कर हालात का जायजा लिया है। भारत ने क्षेत्र में रहने वाले अपने नागरिकों की सुरक्षा के प्रति चिंता व्यक्त की है और दोनों पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया है।

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