Iran-Israel War: पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने ऐतिहासिक मोड़ ले लिया है। ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि ईरानी राज्य मीडिया ने कर दी है। तस्नीम और फार्स न्यूज़ एजेंसी सहित सरकारी स्रोतों के अनुसार, अमेरिका और इज़राइल के संयुक्त हवाई हमलों में खामेनेई मारे गए।
परिवार के सदस्य भी मारे गए
रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में खामेनेई की बेटी, दामाद, पोती और अन्य करीबी परिवारजन की भी मौत हुई है। तेहरान में उनके आवास और कार्यालय को निशाना बनाया गया था।
ईरान में 40 दिन का राजकीय शोक और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
खामेनेई की मौत के बाद ईरान में 40 दिन के राजकीय शोक और सात दिनों की सार्वजनिक छुट्टियों की घोषणा की गई है। ईरानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे 'शहादत' करार दिया है। IRGC ने चेतावनी दी है कि इस हमले का कड़ा बदला लिया जाएगा और वे देश के अंदर व बाहर हर साजिश का डटकर सामना करेंगे। इसी बीच, ईरानी सेना ने एक 'खतरनाक अभियान' शुरू करने की घोषणा की है, जिसके तहत अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही गई है।
ट्रम्प ने पहले किया था ऐलान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ‘ट्रुथ सोशल’ पर पोस्ट कर सबसे पहले खामेनेई की मौत की जानकारी दी थी। उन्होंने इसे “ईरान की जनता और दुनिया के लिए न्याय” बताया।
— Department of State (@StateDept) February 28, 2026
IRGC का बयान: ‘महान नेता को खो दिया’
ईरानी इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा, “हमने एक महान नेता को खो दिया है, और पूरा राष्ट्र उनका शोक मना रहा है।”
फार्स न्यूज़ के अनुसार, IRGC और ईरानी सेना ने “इतिहास का सबसे विनाशकारी अभियान” शुरू करने की चेतावनी दी है। इसमें अमेरिकी ठिकानों और इज़राइल के कब्जे वाले क्षेत्रों को निशाना बनाए जाने की बात कही गई है।
क्षेत्र में बढ़ा तनाव
शनिवार को अमेरिका और इज़राइल ने तेहरान सहित कई शहरों पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए थे। इसके बाद ईरान ने भी मिसाइल हमले शुरू कर दिए। विशेषज्ञों का मानना है कि यह घटनाक्रम मध्य पूर्व को बड़े युद्ध की ओर धकेल सकता है।
इजराइल का दावा: मलबे से बरामद हुआ खामेनेई का शव
इजराइली अधिकारियों ने सीएनएन को दिए बयान में दावा किया है कि उनके पास अयातुल्ला खामेनेई के शव की तस्वीरें हैं, जिसे मलबे से बरामद किया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इजराइल और अमेरिका ने एक 'जॉइंट अटैक' में खामेनेई के घर और कार्यालय को पूरी तरह तबाह कर दिया है। रॉयटर्स ने भी सूत्रों के हवाले से पुष्टि की है कि खामेनेई का शव हवाई हमले के बाद ढही हुई इमारत के नीचे मिला है।
कर्बला में शोक की लहर
खामेनेई की मौत की खबर मिलते ही इराक के कर्बला में इमाम हुसैन की दरगाह पर मौजूद तीर्थयात्री भावुक हो गए और वहां शोक का माहौल देखा गया।
Here is how pilgrims reacted to the news of Ayatollah Khamenei's martyrdom at Imam Hussein holy shrine in Karbala.
— Press TV 🔻 (@PressTV) March 1, 2026
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अमेरिका-इजरायल के हमले में खामेनेई समेत कई बड़े नेताओं की मौत
ईरानी मीडिया तसनीम और फार्स समाचार एजेंसियों ने इस खबर की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि इजरायली लड़ाकू विमानों ने खामेनेई के आवास पर करीब 30 बम गिराए, जिससे इमारत पूरी तरह तबाह हो गई। इस हमले में खामेनेई के परिवार के सदस्य बेटी, दामाद, पोती और बहू और उनके करीब 40 करीबी अधिकारी भी मारे गए हैं।
The United States and Israel launched the most ambitious attack on Iran in decades, and US President Donald Trump said Supreme Leader Ayatollah Ali Khamenei had been killed in the operation https://t.co/AUh7qJ1Nlf pic.twitter.com/RwOvE0EsVR
— Reuters (@Reuters) March 1, 2026
मुजतबा खामेनेई बन सकते हैं नए सुप्रीम लीडर, अहमद वाहिदी को सेना की कमान
अयातुल्ला खामेनेई की मौत के बाद उनके दूसरे बेटे मुजतबा खामेनेई का नाम नए सुप्रीम लीडर के तौर पर सामने आ रहा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2024 में ही एक गोपनीय बैठक के दौरान असेंबली ने मुजतबा के नाम पर सहमति जता दी थी। दूसरी ओर, मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि अहमद वाहिदी को ईरान का नया आर्मी चीफ बनाया जाएगा। वाहिदी पहले ईरान के रक्षा मंत्री रह चुके हैं और कुद्स फोर्स के कमांडर के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
सऊदी अरब की सलाह पर ट्रंप ने लिया हमले का फैसला: रिपोर्ट
वाशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के कहने पर ईरान पर इस बड़ी सैन्य कार्रवाई का फैसला लिया। दावे के मुताबिक, पिछले एक महीने में दोनों नेताओं के बीच कई बार निजी बातचीत हुई थी, जिसमें सऊदी अरब ने सैन्य कदम उठाने का समर्थन किया था। हालांकि, इस दावे पर अभी तक अमेरिका या सऊदी अरब की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ईरान की जवाबी कार्रवाई: 9 देशों पर दागीं 400 मिसाइलें
इजराइल और अमेरिका के हमलों के जवाब में ईरान ने भी प्रचंड पलटवार किया है। ईरान ने दावा किया है कि उसने इजराइल समेत मिडिल ईस्ट के 9 देशों में स्थित सैन्य ठिकानों पर करीब 400 मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। इस जवाबी हमले में कतर, कुवैत, जॉर्डन, बहरीन, सऊदी अरब और यूएई (UAE) में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बनाया गया है।
खामेनेई के परिजनों और छात्रों की मौत से मची चीख-पुकार
ईरानी सरकारी न्यूज़ एजेंसी 'फ़ार्स' ने पुष्टि की है कि इजराइली हमलों में अयातुल्ला खामेनेई की बेटी, दामाद, पोती और बहू की मौत हो गई है। इसके अलावा, ईरान की रेड क्रिसेंट सोसाइटी के अनुसार, अब तक इन हमलों में 200 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है और 740 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं। ईरान के एक स्कूल पर हुई मिसाइल गिरने से 85 छात्रों की मौत की भी हृदयविदारक खबर सामने आई है।
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को ईरान ने किया बंद
युद्ध की स्थिति को देखते हुए ईरान की रिवॉल्यूशनरी गार्ड्स ने रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को बंद करने की घोषणा कर दी है। ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में मौजूद जहाजों को रेडियो संदेश भेजकर इस मार्ग से न गुजरने की चेतावनी दी है। बता दें कि यह मार्ग वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति के लिए बेहद अहम है, और इसके बंद होने से दुनिया भर में ऊर्जा संकट गहराने की आशंका है।
दुबई के बुर्ज खलीफा और पाम होटल के पास धमाके
ईरान ने अपने पलटवार का दायरा बढ़ाते हुए यूएई के सबसे घनी आबादी वाले शहर दुबई को भी निशाना बनाया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, दुबई के प्रसिद्ध 'पाम होटल एंड रिसॉर्ट' और दुनिया की सबसे ऊंची इमारत 'बुर्ज खलीफा' के पास ड्रोन हमले किए गए हैं। बहरीन में भी कई रिहायशी इमारतों को निशाना बनाए जाने की खबरें हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय समुदाय में हड़कंप मच गया है।
ऑपरेशन 'लायन रोर' बनाम 'खत्म-ए-तूफान'
इस सैन्य संघर्ष के कोडनेम भी सामने आए हैं। इजराइल ने ईरान पर अपने हमलों के अभियान का नाम 'लायन रोर' रखा है, जबकि अमेरिका ने इसे 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' नाम दिया है। दूसरी ओर, ईरान की सेना ने अपनी जवाबी कार्रवाई को 'खत्म-ए-तूफान' का नाम दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति वार रूम से इन हमलों की लाइव मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
दुनिया भर में तीखी प्रतिक्रिया: चीन और रूस ने की निंदा
इस हमले के बाद वैश्विक राजनीति में भी उबाल आ गया है। चीन ने ट्रम्प को शांति के मार्ग में सबसे बड़ी बाधा बताते हुए कहा है कि ईरान की संप्रभुता का सम्मान किया जाना चाहिए। रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और बिना उकसावे की गई कार्रवाई बताया है। वहीं, संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने युद्ध की जगह शांति प्रयासों को प्राथमिकता देने की अपील की है।
भारत की चिंता और कूटनीतिक सक्रियता
पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालातों पर भारत ने भी गहरी चिंता जताई है। भारतीय विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची से फोन पर बात कर हालात का जायजा लिया है। भारत ने क्षेत्र में रहने वाले अपने नागरिकों की सुरक्षा के प्रति चिंता व्यक्त की है और दोनों पक्षों से संयम बरतने का आग्रह किया है।










