Iran US War: अमेरिका और इजरायल के हमलों से तिलमिलाए ईरान ने अब खाड़ी देशों और जॉर्डन के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की धमकी दी है। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी 'फार्स' के मुताबिक, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने 8 प्रमुख पुलों की एक सूची जारी की है, जिन्हें भविष्य में जवाबी कार्रवाई के तौर पर निशाना बनाया जा सकता है।
टारगेट पर कुवैत, यूएई और सऊदी अरब के ब्रिज
ईरान की इस खतरनाक लिस्ट में खाड़ी क्षेत्र के आर्थिक और परिवहन केंद्र शामिल हैं। इनमें कुवैत का शेख जाबेर अल-अहमद अल-सबाह सी ब्रिज, यूएई के शेख जायद, अल मक्ता और शेख खलीफा ब्रिज, सऊदी अरब-बहरीन को जोड़ने वाला किंग फहद कॉजवे और जॉर्डन के तीन प्रमुख पुल (किंग हुसैन, दामिया और अब्दुम ब्रिज) शामिल हैं। इन पुलों को निशाना बनाने का मतलब पूरे मिडिल ईस्ट की सप्लाई लाइन को ठप करना है।
ईरान का सबसे ऊंचा 'B1 ब्रिज' हुआ जमींदोज
यह तनाव तब चरम पर पहुँचा जब गुरुवार को अमेरिकी हमलों में ईरान का सबसे ऊंचा पुल 'B1 ब्रिज' आंशिक रूप से नष्ट हो गया। 136 मीटर ऊंचा यह पुल तेहरान को पश्चिमी करज से जोड़ने के लिए बनाया जा रहा था। इस हमले में 8 लोगों की मौत हो गई और 95 लोग घायल हुए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में पुल के बड़े हिस्से को ढहते हुए देखा जा सकता है।
— Rapid Response 47 (@RapidResponse47) April 2, 2026
डोनाल्ड ट्रंप की खुली चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस हमले का वीडियो साझा करते हुए ईरान को कड़ी चेतावनी दी है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा, "ईरान का सबसे बड़ा पुल गिर गया है, अब यह कभी इस्तेमाल नहीं होगा! अभी और भी बहुत कुछ होना बाकी है।" ट्रंप ने साफ कर दिया कि अगर ईरान बातचीत की मेज पर नहीं आता है, तो तबाही का यह सिलसिला जारी रहेगा।
विदेश मंत्री अब्बास अरागची बोले- हार नहीं मानेगा ईरान
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने नागरिक और निर्माणाधीन ढांचे पर हुए इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की हरकतों से ईरान आत्मसमर्पण नहीं करेगा। अरागची के मुताबिक, यह हमला दुश्मन की हताशा और नैतिक पतन को दर्शाता है। फिलहाल, ईरान की इस 'हिट-लिस्ट' ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में युद्ध की आशंका को और गहरा कर दिया है।









