ईरान-अमेरिका-इज़राइल युद्ध के 20वें दिन बड़ा मोड़। साउथ पार्स गैस फील्ड पर एयरस्ट्राइक से भारी नुकसान, खामेनेई ने लारीजानी की हत्या पर बदले की चेतावनी दी। ईरान ने सऊदी अरब और UAE को भी निशाने पर लेने की धमकी दी, भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर असर की आशंका।

नई दिल्ली: ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच जारी जंग के 20वें दिन तनाव अपनी चरम सीमा पर है। ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने देश के सुरक्षा प्रमुख अली लारीजानी की हत्या पर कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कहा है कि इस हत्या के जिम्मेदार लोगों को इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।

खामेनेई ने लारीजानी को एक 'बुद्धिमान और समर्पित नेता' बताते हुए चेतावनी दी कि 'हर खून की एक कीमत होती है' और शहीदों के खून का हिसाब जल्द लिया जाएगा।

​दुनिया की सबसे बड़ी गैस फील्ड पर भीषण एयरस्ट्राइक 
बदले की आग के बीच, अमेरिका और इजराइल ने बुधवार को दक्षिणी ईरान में स्थित 'साउथ पार्स गैस फील्ड' और असालयेह शहर की तेल-गैस सुविधाओं पर भीषण एयरस्ट्राइक की। बता दें कि साउथ पार्स दुनिया की सबसे बड़ी प्राकृतिक गैस फील्ड मानी जाती है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस हमले में न केवल गैस भंडार, बल्कि पेट्रोकेमिकल और तेल इंफ्रास्ट्रक्चर को भी भारी नुकसान पहुँचा है। इजरायली मीडिया ने बुशहर क्षेत्र में गैस फैसिलिटी पर हमले की पुष्टि करते हुए इसे 'बड़ा सरप्राइज' करार दिया है।

​खाड़ी देशों को ईरान की खुली धमकी: "सऊदी अरब और UAE रहें दूर" 
इजरायली हमलों के जवाब में ईरान ने अब खाड़ी देशों को भी लपेटे में ले लिया है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने एक कड़ा संदेश जारी करते हुए सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और कतर को चेतावनी दी है कि वे अपने तेल और गैस ठिकानों से दूर रहें। ईरान ने धमकी दी है कि यदि इन देशों की जमीन या हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ हुआ, तो वे भी अगले निशाने पर होंगे।

​भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर मंडराता खतर
​हॉर्मुज जलडमरूमध्य में नाकेबंदी और ईरान की गैस फील्ड्स पर हमलों का असर अब भारत पर भी दिखने लगा है। भारत सरकार हालांकि दावा कर रही है कि उसके पास पर्याप्त भंडार है, लेकिन ग्लोबल सप्लाई चैन टूटने से ऊर्जा संकट गहरा सकता है।

पेट्रोलियम मंत्रालय ने घरेलू एलपीजी उत्पादन में 38% की वृद्धि की है और जमाखोरी रोकने के लिए 12,000 से ज्यादा छापे मारे हैं, फिर भी वैकल्पिक ईंधन जैसे PNG और इंडक्शन स्टोव अपनाने पर जोर दिया जा रहा है।

​लारीजानी की हत्या: मुस्लिम जगत की चुप्पी से निराश था ईरान 
अपनी मौत से पहले अली लारीजानी ने मुस्लिम देशों की बेरुखी पर गहरी निराशा जताई थी। उन्होंने कहा था कि बातचीत के दौरान अमेरिका और इजराइल ने धोखे से हमला किया, जिसका मकसद ईरान को तबाह करना था। लारीजानी की शहादत को अब ईरान ने एक राष्ट्रीय संकल्प बना लिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में 'जैसे को तैसा' वाली खूनी जंग की शुरुआत हो चुकी है।