पश्चिम एशिया में जारी भीषण युद्ध के बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों के गुजरने को लेकर नई गाइडलाइन जारी की है। दूसरी ओर ट्रंप ने दावा किया है कि ईरानी नौसेना पूरी तरह तबाह हो चुकी है।

Iran War: मिडिल ईस्ट (Middle East) में गहराते युद्ध के संकट के बीच ईरान ने वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिहाज से सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) को लेकर अपनी नीति स्पष्ट की है। न्यूयॉर्क स्थित ईरानी मिशन ने बुधवार को घोषणा की है कि वे केवल उन जहाजों को गुजरने की अनुमति देंगे जिन्हें वे 'गैर-दुश्मन' (Non-hostile) मानते हैं। हालांकि, इसके लिए एक अनिवार्य शर्त भी रखी गई है, जिसमें कहा गया है कि अब किसी भी जहाज को इस रास्ते से गुजरने से पहले ईरानी अधिकारियों के साथ तालमेल और समन्वय करना होगा।

'इजाजत के बिना प्रवेश नहीं'
ईरानी रक्षा परिषद द्वारा जारी बयान के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य से पारगमन अब पूरी तरह से 'ईरानी अधिकारियों के साथ पूर्व समन्वय' पर निर्भर है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की गई जानकारी में कहा गया है कि जो देश ईरान के खिलाफ किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई में शामिल नहीं हैं या उसका समर्थन नहीं कर रहे हैं, वे सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए इस मार्ग का लाभ उठा सकते हैं। तेहरान ने इसे अपनी संप्रभुता और क्षेत्र की सुरक्षा के लिए उठाया गया कदम बताया है।

पावर प्लांट्स पर हमला हुआ तो होगा 'विनाशकारी' जवाब
ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर 'प्रेस टीवी' की रिपोर्ट के मुताबिक, यह निर्णय अमेरिका और इजरायल द्वारा किए जा रहे कथित सैन्य हमलों के जवाब में लिया गया है। ईरानी परिषद ने एक सख्त चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि यदि देश के 'पावर प्लांट' या किसी भी ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया गया, तो ईरानी सशस्त्र बल तत्काल और "विनाशकारी" जवाबी कार्रवाई करेंगे। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपने संसाधनों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा दावा: 'ईरानी नौसेना और वायु सेना पूरी तरह तबाह'
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक चौंकाने वाला दावा किया है। होमलैंड सिक्योरिटी सचिव के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने यह युद्ध जीत लिया है। उन्होंने दावा किया कि ईरान की नौसेना, वायु सेना और संचार व्यवस्था पूरी तरह से "नेस्तनाबूद" हो चुकी है। ट्रंप के अनुसार, ईरान अब बातचीत की मेज पर आने के लिए बेताब है क्योंकि उसकी सैन्य शक्ति अब लगभग शून्य हो चुकी है। हालांकि, ईरान की ओर से इस दावे पर फिलहाल कोई सीधी टिप्पणी नहीं आई है।

क्यों खास है होर्मुज जलडमरूमध्य?
ओमान और ईरान के बीच स्थित होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। यह दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण 'ऑयल चोकपॉइंट' है, क्योंकि दुनिया के सबसे बड़े कच्चे तेल के टैंकर यहीं से गुजरते हैं। वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इसी संकरे रास्ते पर निर्भर है। यहाँ किसी भी तरह की रुकावट का मतलब है—पूरी दुनिया में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में आग लगना और वैश्विक अर्थव्यवस्था का पटरी से उतर जाना।