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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच फोन पर अहम बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया संकट और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला रखने पर जोर दिया। जानिए इस कॉल की पूरी डिटेल।

दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पर बढ़ते खतरे और पश्चिम एशिया में जारी जंग के बीच भारत और अमेरिका के बीच कूटनीतिक हलचल तेज हो गई है। मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन पर बात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय तनाव, समुद्री सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर गहराई से चर्चा की।

अमेरिकी राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के बीच यह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब अमेरिका-इजरायल-ईरान युद्ध अपने 25वें दिन में पहुंच चुका है और हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं।

होर्मुज़ स्ट्रेट पर खास फोकस
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने X (पूर्व ट्विटर) पर जानकारी देते हुए बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप और प्रधानमंत्री मोदी के बीच बातचीत में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को खुला रखने के महत्व पर विशेष जोर दिया गया।

उन्होंने लिखा,
"राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत की और मध्य पूर्व की स्थिति पर चर्चा की, जिसमें स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को खुला रखना बेहद अहम मुद्दा रहा।"

मोदी का बयान: दुनिया के लिए जरूरी है होर्मुज़ का खुला रहना
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी X पर इस बातचीत की पुष्टि करते हुए कहा-

"राष्ट्रपति ट्रंप के साथ पश्चिम एशिया की स्थिति पर सार्थक चर्चा हुई। भारत तनाव कम करने और जल्द शांति बहाल करने का समर्थन करता है। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ का खुला, सुरक्षित और सुलभ रहना पूरे विश्व के हित में है।"

उन्होंने यह भी कहा कि दोनों देश शांति और स्थिरता के प्रयासों के लिए लगातार संपर्क में बने रहेंगे।

ट्रंप का दावा: ईरान से ‘सार्थक’ बातचीत जारी
इससे पहले राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका तेहरान के साथ “सार्थक बातचीत” कर रहा है और युद्ध को खत्म करने की दिशा में प्रगति हो रही है।

हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी थी कि अगर ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ को नहीं खोला, तो अमेरिका बिजली संयंत्रों पर हमला कर सकता है। बाद में इस समयसीमा को 5 दिनों के लिए बढ़ा दिया गया।

वहीं, ईरान की ओर से इस पर मिश्रित प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। कुछ अधिकारियों ने दावा किया कि अमेरिका दबाव में पीछे हटा है, जबकि बातचीत को लेकर स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।

Explainer: क्यों इतना अहम है Strait of Hormuz?

  • यह ईरान और ओमान के बीच स्थित एक संकरा समुद्री मार्ग है। 
  • दुनिया के कुल लगभग 20% तेल और LNG सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। 
  • इसे वैश्विक ऊर्जा सप्लाई का सबसे बड़ा चोकपॉइंट माना जाता है। 
  • अगर यह बंद होता है, तो पूरी दुनिया में तेल की कीमतों में भारी उछाल आ सकता है। 

क्यों अहम है यह बातचीत?
भारत, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर है, उसके लिए होर्मुज़ स्ट्रेट का खुला रहना बेहद जरूरी है। ऐसे में मोदी-ट्रंप बातचीत को वैश्विक स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

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