Iran Helicopter Crash: ईरान के इस्फहान प्रांत में मंगलवार को एक बड़ा विमान हादसा हो गया। ईरानी वायुसेना का एक हेलीकॉप्टर तकनीकी खराबी के बाद फल और सब्जी मंडी में क्रैश हो गया, जिसमें चार लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। यह प्रांत ईरान के प्रमुख परमाणु संयंत्र का केंद्र है, जिससे इस घटना ने वैश्विक स्तर पर ध्यान आकर्षित किया है।
सब्जी मंडी में गिरा हेलीकॉप्टर
ईरानी सरकारी टेलीविजन के अनुसार, यह हादसा तेहरान से लगभग 330 किलोमीटर दूर इस्फहान प्रांत के दोरचेह शहर में हुआ। वायुसेना का यह हेलीकॉप्टर एक प्रशिक्षण उड़ान (Training Flight) पर था, तभी अचानक अनियंत्रित होकर भीड़भाड़ वाली फल और सब्जी मंडी में जा गिरा। सोशल मीडिया और सरकारी टीवी पर प्रसारित फुटेज में दुर्घटनास्थल से धुएं का गुबार उठता और चारों ओर मलबे को बिखरा हुआ देखा जा सकता है।
A helicopter from the Iranian Army's Aviation unit crashed Tuesday morning in the fruit and vegetable market area of Darcheh city in Khomeyni Shahr County, Isfahan Province, due to a technical malfunction, resulting in the deaths of the pilot, co-pilot, and two market vendors. pic.twitter.com/taiRD0FQSW
— Tasnim News Agency (@Tasnimnews_EN) February 24, 2026
पायलट और नागरिकों की मौत
इस दर्दनाक हादसे में हेलीकॉप्टर के पायलट और को-पायलट ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। इसके अलावा, मंडी में मौजूद दो अन्य लोगों की भी चपेट में आने से मौत हो गई। अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स ने जानकारी दी है कि हादसे के वक्त बाजार में काफी चहल-पहल थी, जिससे जान-माल का नुकसान बढ़ गया। प्रशासन ने इलाके की घेराबंदी कर दी है और राहत कार्य जारी है।
एक हफ्ते में दूसरा बड़ा हादसा
ईरान में विमान हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक हफ्ते से भी कम समय में यह दूसरी ऐसी घटना है। इससे पहले पश्चिमी शहर हमदान के पास एक एफ-4 (F-4) लड़ाकू विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें एक पायलट की मौत हो गई थी। विशेषज्ञों का मानना है कि पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के कारण ईरान को विमानों के स्पेयर पार्ट्स नहीं मिल पा रहे हैं, जिससे उसे अपने पुराने पड़ चुके बेड़े पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है।
इस्फहान परमाणु केंद्र की संवेदनशीलता
इस्फहान प्रांत ईरान के लिए रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहां 'इस्फहान न्यूक्लियर टेक्नोलॉजी सेंटर' स्थित है, जो देश का मुख्य परमाणु अनुसंधान और ईंधन उत्पादन परिसर है। जून 2025 में हुए हवाई हमलों के बाद इस साइट की सुरक्षा और भी कड़ी कर दी गई है। सुरंगों के प्रवेश द्वारों को मजबूत किया गया है ताकि किसी भी बाहरी हमले से इसे बचाया जा सके। हालांकि, इस ताजा हेलीकॉप्टर क्रैश का परमाणु संयंत्र की सुरक्षा पर कोई सीधा प्रभाव नहीं पड़ा है।










