नेपाल के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री बालेंद्र शाह आज दोपहर 12:34 बजे शपथ लेंगे। समारोह में शंखनाद और धार्मिक मंत्रोच्चार के साथ एक नई राजनीतिक शुरुआत होगी।

नेपाल के संसदीय इतिहास में आज का दिन सुनहरे अक्षरों में दर्ज होने जा रहा है। काठमांडू के पूर्व मेयर और युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय बालेंद्र 'बालेन' शाह नेपाल के सबसे युवा प्रधानमंत्री के रूप में कार्यभार संभालने के लिए तैयार हैं।

राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल आज दोपहर 12:34 बजे (स्थानीय समय) शीतल निवास (राष्ट्रपति भवन) में आयोजित एक विशेष समारोह में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।

राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल आज दोपहर 12:34 बजे (स्थानीय समय) शीतल निवास (राष्ट्रपति भवन) में आयोजित समारोह में उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे।

बालेन शाह की पार्टी, राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी (RSP) ने 5 मार्च को हुए आम चुनावों में ऐतिहासिक जीत हासिल की है, जिसके बाद बालेन शाह को सर्वसम्मति से संसदीय दल का नेता चुना गया है।

​12:34 का शुभ मुहूर्त और शंखनाद के बीच शपथ 
बालेन शाह का शपथ ग्रहण समारोह सामान्य प्रथाओं से काफी अलग और अनूठा होने वाला है। ज्योतिषीय और संख्यात्मक महत्व को देखते हुए शपथ का समय ठीक 12 बजकर 34 मिनट (1234) तय किया गया है। इस दौरान समारोह में हिंदू और बौद्ध परंपराओं का संगम देखने को मिलेगा।

धार्मिक अनुष्ठान: शपथ ग्रहण के समय 7 ब्राह्मणों द्वारा भव्य 'शंखनाद' किया जाएगा। साथ ही, 108 बटुकों (युवा पुजारियों) द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार (स्वस्ति वाचन) और 107 बौद्ध लामाओं द्वारा मंगल पाठ किया जाएगा।

सांस्कृतिक संदेश: यह विशेष अनुष्ठान देश में शांति, एकता और सफलता के संकल्प के साथ आयोजित किया जा रहा है।

​रैपर से सत्ता के शिखर तक का सफर

​35 वर्षीय बालेन शाह का प्रधानमंत्री पद तक पहुँचना नेपाल की पारंपरिक राजनीति के लिए एक बड़ा 'पॉलिटिकल अर्थक्वेक' माना जा रहा है। पेशे से स्ट्रक्चरल इंजीनियर बालेन ने अपने रैप गानों के जरिए भ्रष्टाचार और बेरोजगारी के खिलाफ आवाज उठाई थी।

चुनावी जीत: उन्होंने झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र से नेपाल के दिग्गज नेता और पूर्व पीएम के.पी. शर्मा ओली को करीब 50 हजार वोटों के भारी अंतर से हराकर अपनी ताकत साबित की है।

मधेस से पहले पीएम: बालेन शाह मधेस क्षेत्र से ताल्लुक रखने वाले नेपाल के पहले प्रधानमंत्री भी होंगे। उनकी जीत को नेपाल के 'जेन-जी' (Gen Z) युवाओं के विद्रोह और बदलाव की चाहत के रूप में देखा जा रहा है।

​छोटा कैबिनेट और सुशासन का रोडमैप
शपथ ग्रहण के बाद बालेन शाह अपने मंत्रिमंडल का भी गठन करेंगे। बताया जा रहा है कि वे फिजूलखर्ची रोकने के लिए एक छोटा और प्रभावी कैबिनेट बनाएंगे, जिसमें 15 से 18 मंत्री शामिल हो सकते हैं।

पहला संदेश: शपथ से ठीक पहले उन्होंने 'जय महाकाली' शीर्षक से एक रैप सॉन्ग रिलीज किया है, जिसमें उन्होंने पूरे नेपाल को एकजुट होने और इतिहास रचने का आह्वान किया है।

प्राथमिकताएं: बालेन शाह ने संकेत दिया है कि उनकी सरकार का मुख्य ध्यान शिक्षा, स्वास्थ्य और भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन पर होगा। वे शाम करीब 2:15 बजे सिंह दरबार (प्रधानमंत्री कार्यालय) में अपना कार्यभार संभालेंगे।

​भारत के साथ संबंधों पर टिकी निगाहें 

​बालेन शाह की जीत के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, विशेषकर भारत और चीन में गहरी उत्सुकता है। अतीत में कुछ विवादित बयानों और नक्शे से जुड़ी टिप्पणियों के कारण बालेन चर्चा में रहे हैं, लेकिन अब प्रधानमंत्री के रूप में उनकी कूटनीति पर सबकी नजर होगी।

कूटनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि बालेन शाह एक व्यावहारिक नेता हैं और वे भारत के साथ 'रोटी-बेटी' के पारंपरिक संबंधों को विकास और पारदर्शिता के नए धरातल पर ले जाने का प्रयास करेंगे। नेपाल में स्थित विदेशी दूतावासों के प्रमुखों को भी आज के समारोह में आमंत्रित किया गया है।