लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता के चलते मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। शनिवार, 21 मार्च को राजधानी लखनऊ, कानपुर और आगरा समेत पूरे प्रदेश में बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। मौसम विभाग (IMD) ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रदेश के 27 जिलों में मूसलाधार बारिश का 'ऑरेंज अलर्ट' जारी किया है।
बेमौसम हो रही इस बरसात ने जहां लोगों को गर्मी से राहत दी है, वहीं किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं।
मौसम विभाग की चेतावनी और 27 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार, उत्तर प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में अगले 24 से 48 घंटों तक मेघ गर्जन और तेज हवाओं के साथ बारिश जारी रहेगी। कानपुर, अलीगढ़, आगरा, मथुरा, बरेली और मेरठ जैसे जिलों में भारी बारिश की संभावना के चलते ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं और बिजली गिरने की भी आशंका है।
ओलावृष्टि से गिरा पारा और मार्च में बढ़ी ठंडक
प्रदेश के कई हिस्सों, विशेष रूप से पश्चिमी यूपी और ब्रज क्षेत्र में भारी ओलावृष्टि रिकॉर्ड की गई है। लखनऊ और इसके आसपास के इलाकों में सुबह से ही बादल छाए हुए हैं और रुक-रुक कर हो रही बारिश ने मार्च के महीने में भी जनवरी जैसी ठंड का अहसास करा दिया है।
अधिकतम तापमान में 8 से 10 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों ने एक बार फिर अलमारी से गर्म कपड़े निकाल लिए हैं।
खेती पर भारी मार: गेहूं और सरसों की फसल को बड़ा नुकसान
बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि किसानों के लिए 'आफत' बनकर आई है। खेतों में कटने के लिए तैयार गेहूं और सरसों की फसल ओले गिरने से जमीन पर बिछ गई है। किसानों का कहना है कि जलभराव और ओलावृष्टि से फसलों के दाने काले पड़ सकते हैं या झड़ सकते हैं, जिससे पैदावार में भारी कमी आएगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहले ही अधिकारियों को नुकसान का सर्वे करने और तत्काल मुआवजा देने के निर्देश दिए हैं, ताकि अन्नदाताओं को संबल मिल सके।
शहरी जनजीवन प्रभावित और बिजली संकट
तेज हवाओं और भारी बारिश के कारण राजधानी लखनऊ समेत कई बड़े शहरों में बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। पेड़ों के गिरने और फीडर में आई तकनीकी खराबी की वजह से कई इलाकों में घंटों बिजली गुल रही। वहीं, निचले इलाकों में जलभराव की समस्या से यातायात की गति धीमी पड़ गई है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बारिश के दौरान जर्जर इमारतों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
कब तक रहेगा बादलों का डेरा?
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि 22 मार्च की शाम से मौसम में हल्का सुधार होना शुरू होगा, लेकिन बादलों की आवाजाही 23 मार्च तक बनी रह सकती है। इसके बाद ही आसमान साफ होने और तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने की उम्मीद है। फिलहाल, उत्तर प्रदेश की जनता इस बेमौसम 'मानसून' का सामना कर रही है।