यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय विधानसभा जाने की जिद पर अड़ गए और खुद बैरिकेड पर चढ़कर पुलिस को चुनौती दी।

लखनऊ : राजधानी लखनऊ की सड़कों पर आज कांग्रेस और पुलिस के बीच आर-पार की जंग देखने को मिली। विधानसभा घेराव के लिए निकले कांग्रेस कार्यकर्ताओं का नेतृत्व कर रहे प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने जब देखा कि पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर रास्ता रोक दिया है, तो वह खुद बैरिकेड पर चढ़ गए।

इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच जबरदस्त धक्का-मुक्की और झड़प हुई। अजय राय ने बैरिकेड फांदकर विधानसभा की ओर बढ़ने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस के भारी घेरे ने उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया।

​अजय राय का कड़ा रुख: 'लाठियों से नहीं दबेगी आवाज'

​बैरिकेड पर चढ़कर कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए अजय राय ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष की आवाज को दबाने के लिए पुलिस का सहारा ले रही है। अजय राय ने चिल्लाकर कहा, "चाहे कितनी भी पुलिस लगा दी जाए या सांसद तनुज पुनिया जैसे नेताओं को हाउस अरेस्ट कर लिया जाए, हम मनरेगा मजदूरों और शंकराचार्य के सम्मान की लड़ाई लड़ते रहेंगे।" पुलिस ने अजय राय को नीचे उतारने के लिए काफी मशक्कत की, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लेने की कोशिश की गई।

​छावनी बनी राजधानी, चप्पे-चप्पे पर पहरा

​कांग्रेस कार्यालय से विधानसभा तक का पूरा इलाका युद्ध के मैदान जैसा नजर आ रहा है। अजय राय के इस साहसी कदम के बाद कार्यकर्ताओं ने भी बैरिकेडिंग तोड़ने की कोशिश की, जिसे रोकने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग भी करना पड़ा। पीएसी के जवानों ने मोर्चा संभाल रखा है और विधानसभा की ओर जाने वाले सभी रास्तों को पूरी तरह सील कर दिया गया है।

​नेताओं की नजरबंदी और आक्रोश

​प्रदर्शन से पहले ही सांसद तनुज पुनिया को हाउस अरेस्ट किए जाने और 200 से अधिक कार्यकर्ताओं को नजरबंद किए जाने के बावजूद, अजय राय के नेतृत्व में सैकड़ों कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए।

कांग्रेस का आरोप है कि बजट सत्र के दौरान जनता के मुद्दों को उठाने से रोकने के लिए पुलिस प्रशासन का दुरुपयोग किया जा रहा है। फिलहाल लखनऊ के हजरतगंज और विधानसभा मार्ग पर तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है।