Logo
वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने 9.12 लाख करोड़ का बजट पेश किया, जिसमें तकनीक (AI) और डिजिटल साक्षरता पर सर्वाधिक जोर दिया गया है। 2,000 करोड़ का एआई मिशन और 40 लाख टैबलेट का वितरण प्रदेश को आधुनिक बनाने की दिशा में सरकार के बड़े कदम हैं।

लखनऊ : उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ने आज विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 9,12,696 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश कर दिया है। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने अपने 10वें बजट भाषण में तकनीक, स्वास्थ्य और रोजगार को प्राथमिकता देते हुए 'विकसित उत्तर प्रदेश' का रोडमैप साझा किया। बजट का कुल आकार पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 12.9 प्रतिशत अधिक है, जो प्रदेश की तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था का संकेत है।

​1. यूपी एआई मिशन (UP AI Mission) की शुरुआत

​तकनीक के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश को ग्लोबल हब बनाने के लिए सरकार ने 'यूपी एआई मिशन' का ऐलान किया है। इसके लिए बजट में 2,000 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इसका उद्देश्य स्वास्थ्य, कृषि और सुशासन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग बढ़ाना है। साथ ही, लखनऊ को देश के पहले 'एआई सिटी' के रूप में विकसित करने की गति तेज की जाएगी।

​2. रोजगार: 10 लाख नए अवसर और टैबलेट वितरण

​युवाओं को साधने के लिए सरकार ने अगले एक वर्ष में विभिन्न क्षेत्रों में 10 लाख नए रोजगार के अवसर सृजित करने का लक्ष्य रखा है। इसके अतिरिक्त, 'स्वामी विवेकानंद युवा सशक्तिकरण योजना' के तहत 40 लाख युवाओं को मुफ्त टैबलेट और स्मार्टफोन बांटने के लिए बड़ा फंड आवंटित किया गया है। शिक्षा और कौशल विकास के लिए कुल बजट का 12.4 प्रतिशत हिस्सा रखा गया है।

​3. स्वास्थ्य: जिला अस्पतालों में 50% बेड की बढ़ोतरी

​स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के लिए बजट का 6 प्रतिशत हिस्सा आवंटित किया गया है। सरकार ने प्रदेश के सभी 75 जिलों के मुख्य अस्पतालों में बेड की संख्या और चिकित्सा सुविधाओं में 50 प्रतिशत के इजाफे का संकल्प लिया है। साथ ही, मेडिकल कॉलेजों और नर्सिंग क्षमता के विस्तार के लिए 1,725 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं।

​4. इंफ्रास्ट्रक्चर: सड़कों और सेतुओं का जाल

​बुनियादी ढांचे के विकास के लिए 19.5 प्रतिशत बजट आरक्षित किया गया है। सड़क और सेतु निर्माण के लिए 34,468 करोड़ रुपये का प्रस्ताव है। नए एक्सप्रेस-वे की कनेक्टिविटी और मौजूदा सड़कों के चौड़ीकरण के लिए भी 3,000 करोड़ रुपये अलग से रखे गए हैं।

​5. महिलाओं के लिए 'मिशन शक्ति' का अगला चरण

​आधी आबादी के सशक्तिकरण के लिए सरकार ने विशेष कौशल संवर्धन और जॉब प्लेसमेंट केंद्र खोलने की घोषणा की है। 'मिशन शक्ति' अभियान के तहत महिला सुरक्षा और स्वावलंबन की योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए पर्याप्त बजट दिया गया है।

​6. किसानों के लिए मुफ्त बिजली और सिंचाई योजनाएं

​अन्नदाताओं को राहत देते हुए सिंचाई योजनाओं के लिए 18,000 करोड़ रुपये प्रस्तावित किए गए हैं। निजी नलकूपों के लिए मुफ्त बिजली की व्यवस्था जारी रखने और कृषि तकनीक को बढ़ावा देने के लिए खाद-बीज पर विशेष सब्सिडी का प्रावधान किया गया है।

​7. स्टार्टअप्स और डेटा सेंटर क्लस्टर

​प्रदेश में नवाचार को बढ़ावा देने के लिए नई स्टार्टअप नीति और स्टेट डेटा अथॉरिटी की स्थापना की जाएगी। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में डेटा सेंटर क्लस्टर बनाए जाएंगे, जिससे आईटी क्षेत्र में निवेश और नौकरियों के नए रास्ते खुलेंगे।

​8. शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के मानदेय में वृद्धि

​बजट में शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों के लिए खुशखबरी मिल सकती है। सुप्रीम कोर्ट के आदेशों और उनकी मांगों को ध्यान में रखते हुए मानदेय वृद्धि के लिए लगभग 250 करोड़ रुपये का अतिरिक्त प्रावधान किए जाने की संभावना है।

​9. ईज ऑफ डूइंग बिजनेस और उद्योगों को प्रोत्साहन

​व्यापारियों और उद्यमियों के लिए 'जनविश्वास सिद्धांत' के आधार पर रजिस्ट्रेशन और लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को और अधिक सरल बनाया जाएगा। 43,000 करोड़ रुपये की नई योजनाओं के जरिए उद्योगों को विशेष प्रोत्साहन देने की तैयारी है।

​10. जलमार्गों का विस्तार और नदियों का कायाकल्प

​परिवहन के नए विकल्पों के रूप में यूपी की पांच प्रमुख नदियों पर जलमार्गों के विस्तार का काम तेज किया जाएगा। इसके अलावा, 5 लाख से ज्यादा आबादी वाले शहरों के कायाकल्प के लिए भी विशेष शहरी विकास निधि की व्यवस्था की गई है।

5379487