लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानसभा में आज वित्त वर्ष 2026-27 का ऐतिहासिक बजट पेश होने जा रहा है। सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले राजधानी लखनऊ में सरगर्मी तेज हो गई है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में बजट के अंतिम प्रस्तावों को मंजूरी दे दी गई है। इस बजट को उत्तर प्रदेश की अब तक की सबसे बड़ी वित्तीय योजना माना जा रहा है, जिसमें विकास और लोक-कल्याण का खाका खींचा गया है।
वित्त मंत्री ने मंदिर में टेका मत्था
बजट पेश करने से पहले प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने अपनी पुरानी परंपरा को निभाते हुए आराध्य देव की आराधना की। उन्होंने पूजा-अर्चना की और प्रदेश की समृद्धि की कामना की। मंदिर से बाहर निकलते हुए उन्होंने मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में संकेत दिया कि यह बजट प्रदेश की जनता की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला होगा।
कैबिनेट बैठक में बजट प्रस्तावों को मंजूरी
विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई कैबिनेट की संक्षिप्त बैठक में बजट के मसौदे को आधिकारिक रूप से पास कर दिया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कैबिनेट सहयोगियों के साथ बजट की प्रमुख प्राथमिकताओं पर चर्चा की। इस बैठक के बाद अब वित्त मंत्री सीधे सदन में पहुँचकर सुबह 11:00 बजे अपना बजट भाषण शुरू करेंगे।
9 लाख करोड़ से अधिक का हो सकता है आकार
माना जा रहा है कि इस साल का बजट 9 लाख करोड़ रुपये के जादुई आंकड़े को पार कर सकता है। सरकार का लक्ष्य इस बजट के जरिए उत्तर प्रदेश को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में बुनियादी ढांचे, औद्योगिक निवेश और कृषि तकनीक पर भारी निवेश करना है।
किसानों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था पर फोकस
बजट में अन्नदाताओं के लिए बड़ी घोषणाओं की संभावना है। इसमें नलकूपों के लिए मुफ्त बिजली योजना के विस्तार और किसान सम्मान निधि के राज्य अंश में बढ़ोतरी जैसे मुद्दे शामिल हो सकते हैं। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में नई सड़कों और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं के लिए विशेष फंड का प्रावधान होने की उम्मीद है।
महिलाओं और युवाओं को मिल सकती है बड़ी सौगात
चुनावी साल के करीब होने के कारण आधी आबादी और युवा वोट बैंक पर सरकार का विशेष ध्यान है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना और निराश्रित महिला पेंशन की राशि में वृद्धि के साथ-साथ युवाओं के लिए नई भर्तियों और डिजिटल गैजेट्स (टैबलेट/स्मार्टफोन) के वितरण के लिए भारी-भरकम राशि आवंटित की जा सकती है।
बुनियादी ढांचे और निवेश को प्राथमिकता
प्रदेश में निर्माणाधीन एक्सप्रेस-वे, मेट्रो रेल परियोजनाओं और नए हवाई अड्डों को समय पर पूरा करने के लिए वित्त मंत्री बड़े फंड का ऐलान कर सकते हैं। इसके अलावा, औद्योगिक कॉरिडोर और डिफेंस कॉरिडोर में निवेश को धरातल पर उतारने के लिए विशेष सब्सिडी योजनाओं की घोषणा संभव है।











