लखनऊ : उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। जहाँ अभी फरवरी का आधा महीना भी नहीं बीता है, वहीं प्रदेश में चिलचिलाती धूप और बढ़ते तापमान ने लोगों को समय से पहले गर्मी का अहसास कराना शुरू कर दिया है।
उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड और पूर्वांचल के जिलों में पारा सामान्य से काफी ऊपर जा चुका है। बांदा जिले में तापमान 30 डिग्री सेल्सियस के आंकड़े को पार कर गया है, जबकि प्रयागराज और वाराणसी जैसे प्रमुख शहरों में भी गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। मौसम विभाग के अनुसार, पछुआ हवाओं के कमजोर पड़ने और आसमान साफ रहने के कारण धूप की तीव्रता बढ़ गई है, जिससे तापमान में यह उछाल देखा जा रहा है।
बांदा रहा प्रदेश में सबसे गर्म, बुंदेलखंड में तपिश तेज
बुंदेलखंड क्षेत्र में गर्मी की दस्तक सबसे ज्यादा प्रभावी दिख रही है। बांदा जिले में अधिकतम तापमान 30.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है, जो इस मौसम के औसत तापमान से 3 से 4 डिग्री अधिक है। बांदा के साथ-साथ हमीरपुर, झांसी और जालौन में भी दोपहर के समय तेज धूप के कारण लोग परेशान नजर आ रहे हैं।
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि राजस्थान की ओर से आने वाली शुष्क हवाएं बुंदेलखंड के तापमान को तेजी से बढ़ा रही हैं, जिससे फरवरी में ही लू जैसे हालात की आशंका पैदा होने लगी है।
प्रयागराज और वाराणसी में भी पारे का उछाल
संगम नगरी प्रयागराज और धर्मनगरी वाराणसी में भी गर्मी ने समय से पहले दस्तक दे दी है। प्रयागराज में अधिकतम तापमान 29.5 डिग्री और वाराणसी में 29 डिग्री सेल्सियस के करीब दर्ज किया गया है।
सुबह और रात के समय अभी भी हल्की गुलाबी ठंड महसूस की जा रही है, लेकिन सुबह 11 बजे के बाद धूप इतनी तेज हो जाती है कि सड़कों पर तपिश महसूस होने लगती है। मौसम विभाग का अनुमान है कि यदि तापमान इसी गति से बढ़ता रहा, तो इस साल मार्च के शुरुआती दिनों में ही भीषण गर्मी का सामना करना पड़ सकता है।
मौसम वैज्ञानिकों की चिंता और आने वाले दिनों का पूर्वानुमान
आईएमडी के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ की कमी और वायुमंडलीय दबाव में बदलाव के कारण इस साल 'प्री-समर' की स्थिति जल्दी बन रही है। हालाँकि, उत्तर भारत के कुछ हिस्सों में हल्की बूंदाबांदी की संभावना बनी हुई है, लेकिन इससे तापमान में कोई बड़ी गिरावट आने के आसार कम हैं।
रात के तापमान और दिन के तापमान में करीब 15 डिग्री का अंतर देखा जा रहा है, जो स्वास्थ्य के लिहाज से भी खतरनाक साबित हो सकता है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि इस बदलते मौसम में लोग खान-पान का विशेष ध्यान रखें क्योंकि 'सर्दी-गर्मी' के कारण वायरल बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।











