Delhi Metro: दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की दिशा में अहम कदम उठाया है। बताया जा रहा है कि सीएम रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में मेट्रो फेज-5(A) को मंजूरी दे दी गई है। बैठक में कहा गया है कि महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत कुल 16 किलोमीटर की लंबाई वाले 3 नए कॉरिडोर को बनाया जाएगा, जिसमें 13 मेट्रो स्टेशन होंगे।
ऐसा कहा जा रहा है कि परियोजना पर करीब 12,014.91 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिसमें बजट का हिस्सा 2,940.46 करोड़ रुपये तय किया गया है। इस परियोजना को साल 2028 में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इस परियोजना के लिए सीएम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भी धन्यवाद किया है।
उन्होंने कहा कि परियोजना परिवहन व्यवस्था से जुड़े प्रधानमंत्री जी के उस ‘7-सी विजन’ को धरातल पर उतारने की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है, जिसका मतलब है कि साझा, सुलभ, सुविधाजनक, जाम-मुक्त, ऊर्जावान, स्वच्छ और अत्याधुनिक परिवहन। सीएम ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और नेट-जीरो उत्सर्जन के लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करना जरूरी है, इस दिशा में यह मील का पत्थर साबित होगा।
सीएम ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रधानमंत्री मोदी के विजन के अनुरूप राजधानी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही ‘विकसित भारत’ के संकल्प को पूरा करने के लिए परिवहन प्रणाली को एकीकृत और जन-केंद्रित बनाने के लिए केंद्र के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम कर रही है। सीएम ने इस फैसले को दिल्ली के भविष्य के लिए निवेश बताया है। इस नए कॉरिडोर से यातायात पर दबाव कम होगा, बल्कि प्रदूषण पर भी रोक लगाने में सहायता मिलेगी।
3 नए कॉरिडोर और 13 स्टेशन को मंजूरी
आरके आश्रम से इंद्रप्रस्थ (सेंट्रल विस्टा के रास्ते), तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज और एरोसिटी से इंदिरा गांधी डोमेस्टिक टर्मिनल-1 (आईजीडी टी-1) 3 नए कॉरिडोर को मंजूरी दी गई है। बनाए जाने वाले 13 स्टेशनों में 10 स्टेशन अंडरग्राउंड और 3 स्टेशन एलिवेटेड होंगे। यह विस्तार जूदा मेट्रो नेटवर्क के साथ बिना रुकावट इंटरचेंज की सुविधा देगा, वहीं हवाई अड्डे, वाणिज्यिक केंद्रों और आवासीय एरिया के बीच कनेक्टिविटी को और भी ज्यादा बेहतर बनाएगा। सरकार का उद्देश्य निजी गाड़ियों पर निर्भरता को कम करके नागरिकों को स्वच्छ, कुशल और एकीकृत परिवहन प्रणाली देना है।
पहला कॉरिडोर
- फेज-5 (A) का सबसे जरूरी और पहला कॉरिडोर आर. के. आश्रम मार्ग से इंद्रप्रस्थ तक प्रस्तावित है।
- कुल लंबाई 9.913 किलोमीटर है।
- इस लाइन पर 9 स्टेशन प्रस्तावित हैं।
- कॉरिडोर सेंट्रल विस्टा एरिया से होकर गुजरेगा और दिल्ली के प्रशासनिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक एरिया को सीधे मेट्रो से कनेक्ट करेगा।
- इस कॉरिडोर से आर.के.आश्रम मार्ग (निर्माणाधीन), शिवाजी स्टेडियम, सेंट्रल सेक्रेटेरियट, सीसीएस बिल्डिंग्स, इंडिया गेट, वॉर मेमोरियल-हाईकोर्ट, बड़ौदा हाउस, भारत मंडपम और इंद्रप्रस्थ जैसी प्रमुख 13 स्टेशन कनेक्ट होंगे।
- इस कॉरिडोर पर 9,570.40 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिनमें से 2,337.24 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार खर्च करेगी।
दूसरा कॉरिडोर
- फेज-V(ए) का दूसरा कॉरिडोर एयरोसिटी से इंदिरा गांधी घरेलू हवाई अड्डा टर्मिनल-1 (आईजीडी टी-1) तक प्रस्तावित है।
- कॉरिडोर की लंबाई 2.26 किलोमीटर है, जिस पर एक स्टेशन प्रस्तावित है।
- कॉरिडोर से यात्रियों की एयरपोर्ट तक मेट्रो की सीधी, तेज और निर्बाध पहुंच सुनिश्चित होगी।
- एयरपोर्ट क्षेत्र में ट्रैफिक दबाव घटेगा।
- परियोजना की लागत 1,419.64 करोड़ रुपये होगी, जिसमें 351.86 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार देगी।
तीसरा कॉरिडोर
- तीसरा कॉरिडोर तुगलकाबाद से कालिंदी कुंज तक प्रस्तावित है।
- कॉरिडोर की कुल लंबाई 3.9 किलोमीटर है।
- कॉरिडोर पर 3 स्टेशन प्रस्तावित हैं।
- कॉरिडोर की लागत 1,024.87 करोड़ रुपये होगी, जिसमें 251.36 करोड़ रुपये दिल्ली सरकार खर्च करेगी।
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