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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 22 फरवरी को मेरठ में होने वाली विशाल जनसभा के लिए शहर का ट्रैफिक प्लान पूरी तरह से बदल दिया गया है। यातायात पुलिस के अनुसार, सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक यानी पूरे 10 घंटे के लिए महा-डायवर्जन लागू रहेगा।

मेरठ : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 22 फरवरी को मेरठ में प्रस्तावित जनसभा के मद्देनजर यातायात पुलिस ने शहर का ट्रैफिक प्लान पूरी तरह से बदल दिया है। रैली में उमड़ने वाली भारी भीड़ और वीआईपी मूवमेंट को देखते हुए मेरठ में 22 फरवरी को व्यापक स्तर पर रूट डायवर्जन लागू रहेगा। इस दौरान व्यावसायिक वाहनों के साथ-साथ निजी कारों के रास्तों में भी बड़े बदलाव किए गए हैं ताकि शहर को जाम से बचाया जा सके।

​सुबह 8 से शाम 6 बजे तक डायवर्जन, एंबुलेंस को रहेगी छूट

​यातायात पुलिस द्वारा जारी प्लान के मुताबिक, यह महा-डायवर्जन 22 फरवरी को सुबह 8 बजे से शुरू होकर शाम 6 बजे तक, यानी पूरे 10 घंटे के लिए प्रभावी रहेगा। इस अवधि में पुलिस चप्पे-चप्पे पर मुस्तैद रहेगी और तय किए गए नए मार्गों से ही वाहनों को निकाला जाएगा।

हालांकि, प्रशासन और यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि इस सख्त डायवर्जन के दौरान एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और अन्य सभी आपातकालीन सेवाएं पूरी तरह से बाधारहित रहेंगी, उन्हें किसी भी रूट पर रोका नहीं जाएगा।

​मेरठ से दिल्ली आने-जाने वालों के लिए ये हैं वैकल्पिक मार्ग

​इस जनसभा का सबसे बड़ा असर दिल्ली और मेरठ के बीच सफर करने वालों पर पड़ेगा। पीएम के भ्रमण कार्यक्रम के कारण 22 फरवरी को मेरठ-परतापुर से मोदीनगर की ओर जाने वाली सड़क वाहनों के लिए पूरी तरह बंद रहेगी। मेरठ शहर से दिल्ली जाने वाले वाहन सीधे न जाकर रुड़की रोड, मोदीपुरम पुल, सरधना पुल, रोहटा पुल और बागपत पुल होते हुए एनएच-58 से काशी टोल प्लाजा पहुंचकर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का इस्तेमाल कर सकेंगे।

इसके अलावा शहर से बिजली बम्बा चौराहे होते हुए हापुड़ से दिल्ली-मुरादाबाद हाईवे के जरिए भी दिल्ली जाया जा सकता है। दिल्ली से आने वाले वाहन भी इन्हीं वैकल्पिक मार्गों से शहर में प्रवेश करेंगे, क्योंकि परतापुर इंटरचेंज से एंट्री बंद रहेगी।

​भारी वाहनों की नो-एंट्री, बाहर से ही किए जाएंगे डायवर्ट

​भारी और व्यावसायिक वाहनों के प्रवेश पर शहर के बाहरी हिस्सों में ही ब्रेक लगा दिया गया है। मुजफ्फरनगर से मेरठ आने वाले भारी वाहन सठेड़ी पुलिस चौकी पुल से एनएच-58 होकर अपने गंतव्य की ओर जा सकेंगे।

वहीं, मुरादाबाद या हापुड़ की तरफ से आने वाले भारी वाहनों को टियाला अंडरपास से किठौर और परीक्षितगढ़ होते हुए बिजनौर या मुजफ्फरनगर की ओर निकाल दिया जाएगा। इसके साथ ही परतापुर इंटरचेंज और काशी टोल प्लाजा पर भी भारी वाहनों के लिए विशेष पाबंदियां लागू की गई हैं।

​शहर के अंदर इन रास्तों पर रहेगा प्रतिबंध

​मेरठ शहर के आंतरिक यातायात को भी जनसभा के हिसाब से नियंत्रित किया गया है। शहर के अंदर बिजली बम्बा चौराहे से लेकर शाप्रिक्स मॉल तक सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। इस मार्ग पर केवल रैली से जुड़े या पास-धारक वाहन ही जा सकेंगे। स्थानीय लोगों को सलाह दी गई है कि वे इस रूट की तरफ जाने से बचें और अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए शहर के अन्य भीतरी रास्तों का प्रयोग करें।

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