लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी का ऐतिहासिक लखनऊ जंक्शन रेलवे स्टेशन अपनी स्थापना के 100 वर्ष पूरे कर चुका है। 15 फरवरी 1926 को स्थापित यह स्टेशन भारतीय रेलवे की समृद्ध विरासत और तकनीकी प्रगति का जीवंत गवाह रहा है।
पूर्वोत्तर रेलवे के लखनऊ मंडल द्वारा 'शताब्दी वर्ष 1926-2026' के उपलक्ष्य में एक भव्य हेरिटेज प्रदर्शनी का आयोजन किया गया है। मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल ने इस आयोजन के माध्यम से यात्रियों और नई पीढ़ी को रेलवे के सुनहरे अतीत से रूबरू कराने की एक अनूठी पहल की है।
फोटो गैलरी में सौ साल का सफर और भव्य सजावट
स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार पर लगाई गई एक मनोरम धरोहर फोटो प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इन तस्वीरों के माध्यम से जंक्शन की स्थापत्य भव्यता, ऐतिहासिक मील के पत्थर और एक शताब्दी के दौरान हुए परिवर्तनकारी बदलावों को दर्शाया गया है। उत्सव के माहौल को और खास बनाने के लिए पूरे स्टेशन परिसर को रंगीन रोशनी, आकर्षक फूलों की क्यारियों और एक सुंदर फव्वारे से सजाया गया है।



विभागीय स्टॉलों पर ऐतिहासिक उपकरणों का खजाना
प्रदर्शनी में रेलवे के विभिन्न विभागों ने अपने-अपने स्टॉल लगाकर बीते युग की दुर्लभ वस्तुओं को प्रदर्शित किया है:
इंजीनियरिंग और सिग्नल विभाग: यहाँ मीटर-गेज युग की पुश निरीक्षण ट्रॉली, रेल कटर और पुराने यांत्रिक लीवर फ्रेम व सेमाफोर सिग्नल देखे जा सकते हैं।
वाणिज्य और विद्युत विभाग: एडमंडसन लकड़ी की बेंच, पुराने मुद्रित कार्ड टिकट, टिकट पंचिंग मशीन और पुराने फिलामेंट बल्ब व एनालॉग मीटर यहाँ संजोए गए हैं।
सुरक्षा और कार्मिक विभाग: रेलवे सुरक्षा बल ने बॉडी वॉर्न कैमरा, पुरानी हथकड़ियां और सुरक्षा जैकेट्स प्रदर्शित की हैं, वहीं कार्मिक विभाग ने विभिन्न श्रेणियों के ऐतिहासिक रेलवे पास दिखाए हैं।
102 साल पुराना स्टीम इंजन और बच्चों के लिए टॉय ट्रेन
इस प्रदर्शनी का सबसे बड़ा आकर्षण कैबवे क्षेत्र में खड़ा 102 साल पुराना नैरो-गेज स्टीम लोकोमोटिव है। इंग्लैंड की जॉन फाउलर एंड कंपनी द्वारा निर्मित यह इंजन 1924 से 1982 तक महाराजगंज की ट्रामवे स्कीम में संचालित था।
इसके अलावा, मैकेनिकल विभाग द्वारा चलाई जा रही टॉय ट्रेन बच्चों और परिवारों को मंत्रमुग्ध कर रही है, जिसमें एक छोटा इंजन और दो खुले वैगन शामिल हैं।
सिनेमा और संस्कृति का रेल संगम
सांस्कृतिक आयाम जोड़ते हुए स्टेशन के कॉन्कोर्स में एलईडी स्क्रीन लगाई गई हैं। इन पर लखनऊ मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर फिल्माई गई मशहूर फीचर फिल्मों और वेब सीरीज के वीडियो क्लिप दिखाए जा रहे हैं। साथ ही सूचनात्मक पट्टिकाओं के जरिए यह बताया गया है कि भारतीय जनमानस और कहानियों में रेलवे की कितनी अहम भूमिका रही है।
अगले 10 दिन तक आम जनता के लिए निशुल्क प्रवेश
मंडल रेल प्रबंधक गौरव अग्रवाल के अनुसार, यह समारोह केवल एक उत्सव नहीं बल्कि जनसेवा की अटूट परंपरा का नमन है। रेलवे प्रशासन ने विशेष रूप से स्कूल और कॉलेज के छात्रों को इस प्रदर्शनी के लिए आमंत्रित किया है।
आम जनता और रेल यात्रियों के लिए अगले 10 दिनों तक प्रदर्शनी में प्रवेश पूरी तरह निशुल्क रखा गया है, ताकि अधिक से अधिक लोग अपनी रेल विरासत को करीब से देख सकें।










