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गोरखपुर के चिलुआताल इलाके में सोमवार सुबह पूर्व पार्षद राजकुमार चौहान की नृशंस हत्या कर दी गई। 4 नकाबपोश बदमाशों ने मॉर्निंग वॉक के दौरान उन्हें घेर लिया और चाकुओं से गोद दिया।

लखनऊ : यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के गृह जनपद गोरखपुर में अपराधियों ने पुलिस को खुली चुनौती दी है। चिलुआताल थाना क्षेत्र के बरगदवा में सोमवार सुबह करीब 5:30 बजे मॉर्निंग वॉक पर निकले पूर्व पार्षद राजकुमार चौहान की चार नकाबपोश बदमाशों ने सरेआम हत्या कर दी।

हमलावरों ने राजकुमार को घेरकर चाकुओं से इस कदर गोदा कि उनका चेहरा और सीना छलनी हो गया। चश्मदीदों के मुताबिक, लहूलुहान हालत में राजकुमार जान बचाने के लिए करीब 100 मीटर तक भागे, लेकिन बदमाशों ने पीछा कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। वारदात के बाद इलाके में भारी तनाव है और आक्रोशित भीड़ ने सड़क जाम कर प्रदर्शन शुरू कर दिया है।

​पीछा कर सीने और चेहरे पर किए दर्जनों वार: मरने तक मौके पर रुके रहे कातिल 
घटना के वक्त राजकुमार अपने घर से महज 500 मीटर की दूरी पर थे। अचानक पैदल आए चार हमलावरों ने उन पर हमला बोल दिया। बचने की कोशिश में राजकुमार का एक जूता भी उतर गया और वे झाड़ियों की तरफ भागे, लेकिन बेरहम बदमाशों ने उन्हें दबोच लिया।

प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बदमाशों ने राजकुमार के सीने, सिर और हाथ पर चाकुओं से तब तक वार किए जब तक कि वे जमीन पर गिरकर निढाल नहीं हो गए। खौफनाक बात यह है कि हत्या करने के बाद बदमाश कुछ देर तक वहीं खड़े रहे और राजकुमार के दम तोड़ने का इंतजार करते रहे, फिर पैदल ही फरार हो गए।

​बीजेपी सांसद के थे बेहद करीबी: 2027 चुनाव की तैयारी में जुटे थे राजकुमार 
राजकुमार चौहान केवल पूर्व पार्षद ही नहीं थे, बल्कि वे राज्यसभा सांसद राधा मोहन अग्रवाल के बेहद करीबी माने जाते थे। महज 5 दिन पहले ही उन्होंने सांसद के साथ अपनी एक रील फेसबुक पर पोस्ट की थी, जिसमें उन्होंने उन्हें अपना 'गुरु' बताया था।

राजकुमार प्रॉपर्टी के बिजनेस से भी जुड़े थे और 2027 के विधानसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। फेसबुक पर उनके 40 हजार से ज्यादा फॉलोअर्स थे। उनकी मौत की खबर मिलते ही समर्थकों में भारी आक्रोश फैल गया और गोरखपुर-सुनोली रोड पर चक्का जाम कर दिया गया।

​प्रॉपर्टी विवाद या प्रेम प्रसंग? पुलिस दो एंगल पर खंगाल रही सस्पेंस 
पुलिस इस हत्याकांड को सोची-समझी साजिश और 'सुपारी किलिंग' मानकर जांच कर रही है। पुलिस की जांच मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर टिकी है: पहला प्रॉपर्टी का विवाद और दूसरा प्रेम प्रसंग।

जिस तरह से राजकुमार के चेहरे और होंठों को चाकुओं से गोदा गया है, वह किसी गहरी व्यक्तिगत रंजिश या अफेयर की ओर इशारा करता है। वहीं, प्रॉपर्टी बिजनेस में उनकी बढ़ती सक्रियता और चुनावी महत्वाकांक्षा भी रंजिश की वजह हो सकती है। राजकुमार की पत्नी सुशीला देवी ने बताया कि गांव में उनकी पुरानी रंजिश भी चल रही थी, जिसके चलते उन्हें पहले एक बार झूठे मामले में जेल भी भिजवाया गया था।

​10 थानों की फोर्स तैनात: पत्नी धरने पर हुईं बेहोश, आरोपियों ने लूटी सोने की चेन 
वारदात के बाद करीब 200 से ज्यादा ग्रामीण और समर्थक सड़कों पर उतर आए और 'पुलिस-प्रशासन मुर्दाबाद' के नारे लगाने लगे। राजकुमार की पत्नी सुशीला देवी सड़क पर ही धरने पर बैठ गईं और रोते-रोते बेहोश हो गईं, जिन्हें पानी की छींटे मारकर होश में लाया गया।

परिजनों का आरोप है कि बदमाशों ने हत्या के साथ-साथ राजकुमार के गले से सोने की चेन भी लूट ली। स्थिति को बिगड़ते देख 10 थानों की पुलिस फोर्स और फॉरेंसिक टीम मौके पर तैनात है। पुलिस ने शव को बीआरडी मेडिकल कॉलेज भेज दिया है और सीसीटीवी फुटेज के जरिए बदमाशों की तलाश तेज कर दी है।

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