उन्नाव दुष्कर्म मामले की पीड़िता को दिल्ली हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सजा को उम्रकैद से बढ़ाकर मृत्युदंड में बदलने की याचिका को खारिज कर दिया है।

दिल्ली हाईकोर्ट ने उन्नाव दुष्कर्म मामले की पीड़िता द्वारा दायर उस याचिका को खारिज कर दिया है, जिसमें पूर्व भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर की सजा बढ़ाने की मांग की गई थी।

पीड़िता ने निचली अदालत द्वारा सेंगर को दी गई उम्रकैद की सजा को अपर्याप्त बताते हुए इसे फांसी की सजा में तब्दील करने या अधिकतम दंड की अपील की थी। हालांकि, उच्च न्यायालय ने मामले के तथ्यों और कानूनी पहलुओं पर विचार करने के बाद निचली अदालत के फैसले को सही माना और सजा में किसी भी तरह के बदलाव से इनकार कर दिया।

​अदालत के इस फैसले का मतलब है कि कुलदीप सिंह सेंगर को अपनी पूरी स्वाभाविक उम्र जेल की सलाखों के पीछे ही बितानी होगी। साल 2019 में दिल्ली की तीस हजारी कोर्ट ने सेंगर को भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 376 और पॉक्सो एक्ट (POCSO) के तहत दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी।

इसके साथ ही उन पर 25 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। सेंगर ने खुद भी अपनी सजा को चुनौती देते हुए रिहाई की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने पीड़िता और सेंगर दोनों की दलीलों को सुनकर यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया।

​पीड़िता की ओर से कोर्ट में दलील दी गई थी कि यह मामला समाज के प्रति बेहद जघन्य अपराध है और एक प्रभावशाली राजनेता द्वारा पद का दुरुपयोग कर किया गया कृत्य है, इसलिए इसे 'रेयरेस्ट ऑफ रेयर' की श्रेणी में रखकर कठोरतम सजा दी जानी चाहिए।

पीड़िता के परिवार ने कई साल तक लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी है, जिसमें उनके पिता की हिरासत में मौत और सड़क दुर्घटना जैसी दुखद घटनाएं भी शामिल रहीं। हाईकोर्ट के इस ताज़ा रुख से पीड़िता पक्ष को निराशा हाथ लगी है।

​उन्नाव मामले ने न केवल उत्तर प्रदेश बल्कि पूरे देश की राजनीति को हिलाकर रख दिया था। इस मामले के बाद ही भाजपा ने कुलदीप सिंह सेंगर को पार्टी से निष्कासित कर दिया था और उनकी विधानसभा सदस्यता भी रद्द हो गई थी।

आज के फैसले के बाद एक बार फिर राजनीतिक गलियारों में महिला सुरक्षा और न्याय प्रक्रिया को लेकर चर्चा तेज हो गई है। पीड़िता के वकीलों का कहना है कि वे हाईकोर्ट के इस आदेश का अध्ययन करेंगे और भविष्य में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाने पर विचार कर सकते हैं।