मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के 10 संवेदनशील जिलों के अधिकारियों के साथ बैठक कर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में चैत्र नवरात्रि, अलविदा की नमाज और ईद-उल-फितर जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों को देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शासन-प्रशासन के साथ एक हाई-प्रोफाइल बैठक की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने प्रदेश के 10 संवेदनशील जिलों (बदायूं, मुरादाबाद, रामपुर, गाजियाबाद, जालौन, गोरखपुर, आगरा, जौनपुर, प्रतापगढ़ और प्रयागराज) के अधिकारियों से हालिया आपराधिक घटनाओं पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। सीएम ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों पर कठोरतम कार्रवाई की जाए।

​10 जिलों पर विशेष नजर: सीएम ने अफसरों से मांगा 'कच्चा चिट्ठा' 
समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने उन 10 जिलों के डीएम और एसएसपी को सीधे निशाने पर लिया जहां हाल के दिनों में आपराधिक घटनाएं हुई हैं। सीएम ने इन घटनाओं पर अब तक हुई कार्रवाई का पूरा ब्यौरा तलब किया। उन्होंने दो टूक कहा कि अपराध की एक भी घटना पूरे प्रदेश के माहौल को प्रभावित करती है, इसलिए हर शिकायत पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई अनिवार्य है। सीएम ने जोर देकर कहा कि "अपराधियों में पुलिस का खौफ दिखना चाहिए।"

​लाउडस्पीकर और स्टंटबाजी पर कड़ाई: सुप्रीम कोर्ट के नियमों का होगा पालन 
मुख्यमंत्री ने धार्मिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के इस्तेमाल को लेकर सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देते हुए सख्त आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा कि आवाज तय मानकों के भीतर ही रहनी चाहिए और उल्लंघन होने पर तुरंत लाउडस्पीकर हटाए जाएं। इसके साथ ही, सड़कों पर बाइक स्टंटबाजी और चेन स्नेचिंग की बढ़ती घटनाओं पर मुख्यमंत्री ने सख्त नाराजगी जताई और पीआरवी-112 की गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए।

​धार्मिक आयोजन: 'नई परंपरा' को मंजूरी नहीं, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम 
​चैत्र नवरात्रि के दौरान देवी मंदिरों में उमड़ने वाली भीड़ को लेकर मुख्यमंत्री ने विशेष निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि मंदिरों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पेयजल, रोशनी, साफ-सफाई और स्वास्थ्य सुविधाओं की पूरी व्यवस्था होनी चाहिए। सीएम ने स्पष्ट किया कि किसी भी धार्मिक आयोजन में 'नई परंपरा' की अनुमति नहीं दी जाएगी। भीड़ प्रबंधन के लिए संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने को कहा गया है ताकि भगदड़ या अव्यवस्था की स्थिति न बने।

​एलपीजी सप्लाई और कालाबाजारी पर सख्ती

​त्योहारों के सीजन में आम जनता को परेशानी न हो, इसके लिए मुख्यमंत्री ने एलपीजी गैस की आपूर्ति पर भी नजर रखने को कहा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों (मिडिल ईस्ट संकट) का असर स्थानीय जनता पर नहीं पड़ना चाहिए। यदि कहीं भी कृत्रिम कमी, जमाखोरी या कालाबाजारी की शिकायत मिलती है, तो दोषियों के खिलाफ तुरंत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

​राष्ट्रपति का दौरा और निराश्रित गौवंश का संरक्षण 
​बैठक में अयोध्या और मथुरा-वृंदावन में राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे की तैयारियों पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने संबंधित जिलों के अधिकारियों को प्रोटोकॉल के तहत सभी तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए। इसके अलावा, निराश्रित गौवंश के संरक्षण को लेकर भी चर्चा हुई और गौ-आश्रय स्थलों में व्यवस्थाएं मजबूत करने के निर्देश दिए गए।