रेलवे स्टेशनों पर होने वाली मानव तस्करी पर लगाम लगाने के लिए पूर्वोत्तर रेलवे के एक दिवसीय कार्यशाला में राष्ट्रीय महिला आयोग और आरपीएफ के बीच समन्वय को और मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा हुई।

लखनऊ: लखनऊ के अनुसंधान अभिकल्प एवं मानक संगठन (आरडीएसओ) ऑडिटोरियम में पूर्वोत्तर रेलवे द्वारा मानव तस्करी (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग) विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला रेलवे सुरक्षा बल और राष्ट्रीय महिला आयोग के बीच हुए MOU के तहत आयोजित की गई थी।

कार्यक्रम की मुख्य अतिथि राष्ट्रीय महिला आयोग की अध्यक्षा विजया किशोर राहतकर रहीं। विशिष्ट अतिथियों में उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्षा बबीता सिंह चौहान, मुख्य सुरक्षा आयुक्त सत्य प्रकाश और डीआरएम लखनऊ गौरव अग्रवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

​मानव तस्करी पर लगाम के लिए समन्वय जरूरी: विजया किशोर राहतकर

​कार्यशाला को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विजया किशोर राहतकर ने कहा कि रेलवे सुरक्षा बल और राष्ट्रीय महिला आयोग के बीच बेहतर समन्वय ही मानव तस्करी को जड़ से खत्म करने का प्रभावी जरिया है।

उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में तैनात कर्मचारी, कुली और वेंडर्स मानव तस्करी के मामलों में 'प्रथम सूचना प्रदाता' की भूमिका निभाते हैं। उनकी सजगता ही मासूम बच्चों और महिलाओं को तस्करों के चंगुल से बचा सकती है। कार्यक्रम के दौरान कानूनी विशेषज्ञ निशिकांत और राजेश मणि ने राष्ट्रीय आंकड़ों के जरिए समस्या की गंभीरता से प्रतिभागियों को अवगत कराया।

​ऑपरेशन 'नन्हे फरिश्ते' और 'आहत' पर विशेष चर्चा

​वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त अरुण त्रिपाठी के संचालन में आयोजित इस कार्यशाला में आरपीएफ द्वारा संचालित विभिन्न अभियानों जैसे 'ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते', 'ऑपरेशन आहट', 'ऑपरेशन मेरी सहेली' और 'ऑपरेशन मातृशक्ति' पर तकनीकी और कानूनी चर्चा की गई।

कार्यशाला में सॉफ्ट टारगेट की पहचान करने, अंतर-विभागीय समन्वय और हेल्पलाइन नंबरों के प्रभावी उपयोग के बारे में जानकारी दी गई। इस अवसर पर विभिन्न जोनल रेलवे से आए 22 सहायक सुरक्षा आयुक्तों और आरपीएफ/जीआरपी के स्टाफ सहित करीब 250 प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया और फील्ड में आने वाली चुनौतियों पर अपने विचार साझा किए।

​बेस्ट परफॉर्मर्स का सम्मान और सुरक्षा का संकल्प

​कार्यक्रम के समापन सत्र में एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) के उन सदस्यों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने पिछले समय में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। मुख्य सुरक्षा आयुक्त सत्य प्रकाश ने इन विजेताओं को पुरस्कृत करते हुए कहा कि यह कार्यशाला केवल एक चर्चा नहीं बल्कि रेलवे को मानव तस्करी मुक्त बनाने की दिशा में एक दृढ़ संकल्प है।

उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रशिक्षण से आरपीएफ और जीआरपी के जवान तकनीक और कानून की बेहतर समझ के साथ तस्करों के खिलाफ अधिक प्रभावी कार्रवाई कर सकेंगे।