Up Weather Update: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ समेत कानपुर, बाराबंकी, उन्नाव, रायबरेली और अयोध्या जैसे 10 प्रमुख शहरों में तेज हवाओं के साथ बारिश हो रही है। मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय वायुमंडलीय बदलावों के कारण यह स्थिति पैदा हुई है।
कई इलाकों में बिजली इतनी तेज कड़क रही है कि प्रशासन ने लोगों को ऊंचे पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने की हिदायत दी है। बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली है।
40 जिलों में अलर्ट: मौसम विभाग की सख्त चेतावनी
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ ने प्रदेश के 40 जिलों के लिए 'येलो अलर्ट' जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 3 घंटे प्रदेश के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इन जिलों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
जिन जिलों में विशेष रूप से अलर्ट जारी किया गया है, उनमें लखनऊ, सीतापुर, हरदोई, गोंडा, बहराइच, श्रावस्ती और लखीमपुर खीरी शामिल हैं। विभाग ने किसानों को भी सलाह दी है कि वे कटी हुई फसल को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचा दें और खुले खेतों में जाने से बचें।
वज्रपात का बड़ा खतरा
मौसम विभाग ने विशेष रूप से वज्रपात को लेकर चेतावनी जारी की है। विभाग का कहना है कि बादलों की तीव्रता को देखते हुए कई स्थानों पर आकाशीय बिजली गिर सकती है।
लखनऊ के गोमती नगर, हजरतगंज और आलमबाग जैसे इलाकों में अंधेरा छा गया है और विजिबिलिटी भी कम हुई है। बिजली कड़कने के दौरान इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग न करने और पक्के घरों के अंदर रहने की अपील की गई है। शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी पैदा हो गई है, जिससे यातायात पर असर पड़ रहा है।
तापमान में गिरावट और आगे का पूर्वानुमान
इस अचानक हुई बारिश से उत्तर प्रदेश के अधिकतम तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आने की उम्मीद है। पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के कई हिस्से लू की चपेट में थे, जहाँ पारा 40 डिग्री के पार पहुँच गया था। मौसम विभाग के अनुसार, बारिश का यह सिलसिला अगले 24 से 48 घंटों तक रुक-रुक कर जारी रह सकता है।
हालांकि, विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह प्री-मानसून गतिविधियां हैं और इसके बाद फिर से गर्मी का दौर लौट सकता है। फिलहाल, प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद है और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।










