प्रयागराज : संगम नगरी प्रयागराज में इस बार होलिका दहन का पर्व न केवल आस्था का प्रतीक होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की एक नई मिसाल भी पेश करेगा।

प्रयागराज नगर निगम ने पेड़ों की कटाई रोकने और प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से कान्हा गोशाला में तैयार गोबर के कंडों से होलिका सजाने की मुहिम शुरू की है। इस पहल के जरिए शहरवासियों को लकड़ी के बजाय गौ-उत्पादों के उपयोग के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

​पेड़ों की कटाई पर लगेगी लगाम और सुरक्षित रहेगा पर्यावरण

​होलिका दहन के लिए हर साल हजारों क्विंटल लकड़ी का उपयोग किया जाता है, जिसके लिए अनगिनत हरे-भरे पेड़ों को काट दिया जाता है। नगर निगम की इस पहल का प्राथमिक उद्देश्य इस वन संपदा को बचाना है। यदि शहरवासी कंडों का विकल्प चुनते हैं, तो लकड़ी की मांग में भारी गिरावट आएगी, जिससे पर्यावरण का संतुलन बेहतर बना रहेगा।

​हवा की अशुद्धि दूर करेंगे गोबर के कंडे

​वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी गोबर के कंडों का दहन लकड़ी की तुलना में अधिक लाभकारी माना जाता है। जलने पर लकड़ी जहाँ कार्बन डाइऑक्साइड और काला धुआं अधिक छोड़ती है, वहीं गोबर के कंडों का धुआं वातावरण में मौजूद हानिकारक कीटाणुओं और मच्छरों को नष्ट करने में सहायक होता है। इससे त्योहार के दौरान वायु प्रदूषण के स्तर को कम करने में मदद मिलेगी।

​गौ-सेवा को मिलेगा बड़ा आर्थिक संबल

​इस पूरी योजना का एक सबसे सुखद पहलू यह है कि कंडों की बिक्री से प्राप्त होने वाला पैसा सीधे 'कान्हा गोशाला' के खाते में जाएगा। इस आय का उपयोग गोशाला में रह रही बेसहारा गायों के चारे, दवाओं और उनके बाड़े के विस्तार के लिए किया जाएगा। इससे गोशालाओं की सरकारी बजट पर निर्भरता कम होगी और वे आत्मनिर्भर बन सकेंगी।

​प्राचीन परंपराओं का होगा पुनरुद्धार

​भारतीय संस्कृति में होलिका दहन के समय गोबर के कंडों और 'बड़कुल्लों' का उपयोग सदियों पुरानी परंपरा रही है। समय के साथ लकड़ी का चलन बढ़ता गया, लेकिन नगर निगम अब इसी प्राचीन परंपरा को वापस मुख्यधारा में लाने का प्रयास कर रहा है। यह पहल नई पीढ़ी को अपनी जड़ों और प्राकृतिक जीवन शैली से जोड़ने का काम करेगी।

​स्थानीय श्रमिकों के लिए रोजगार के नए अवसर

​कान्हा गोशाला में कंडों के बड़े पैमाने पर निर्माण के कारण स्थानीय स्तर पर कई लोगों को काम मिला है। कंडों को बनाने, उन्हें सुखाने और फिर शहर के विभिन्न केंद्रों तक पहुँचाने की प्रक्रिया में श्रमिकों की आवश्यकता होती है। इस तरह, नगर निगम की यह मुहिम 'वोकल फॉर लोकल' के मंत्र को भी सार्थक कर रही है।

​किफायती दाम और आसान उपलब्धता

​नगर निगम ने सुनिश्चित किया है कि ये कंडे आम जनता के लिए लकड़ी के मुकाबले सस्ते और आसानी से उपलब्ध हों। इसके लिए शहर के प्रमुख चौराहों और नगर निगम के जोनल कार्यालयों पर बिक्री केंद्र बनाए जा रहे हैं। प्रशासन का लक्ष्य है कि कोई भी व्यक्ति कंडों के अभाव में लकड़ी का उपयोग न करे, जिससे यह अभियान शत-प्रतिशत सफल हो सके।