लखनऊ : उत्तर प्रदेश में इस बार मार्च का महीना पसीने छुड़ाने वाला साबित होगा। मौसम विभाग ने चेतावनी जारी की है कि मार्च के पहले सप्ताह से ही मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल जाएगा और तापमान में तेजी से बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी। पिछले सालों की तुलना में इस बार गर्मी समय से पहले दस्तक दे रही है, जिससे न केवल आम जनजीवन बल्कि फसलों पर भी भारी असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है।
मार्च के पहले हफ्ते से ही सताएगी तपिश
बीएचयू के मौसम विभाग के अनुसार, मार्च के पहले सप्ताह से ही गर्मी का दौर शुरू हो जाएगा। दिन और रात दोनों के तापमान में तेजी से वृद्धि होगी। लखनऊ मौसम विज्ञान केंद्र का कहना है कि प्रदेश में मार्च से मई के दौरान तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। आने वाले दिनों में लखनऊ, कानपुर, आगरा और प्रयागराज जैसे शहरों में गर्मी और बढ़ने के आसार हैं।
40 डिग्री तक पहुंच सकता है अधिकतम पारा
मौसम विभाग के मुताबिक, इस साल मार्च अब तक के सबसे गर्म महीनों में शामिल हो सकता है। उत्तरी और उत्तर-पश्चिमी राज्यों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी अधिक रहने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि मार्च के आखिरी हफ्ते तक यूपी के कई जिलों में पारा 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जो पिछली बार (35-38 डिग्री) से 3-4 डिग्री ज्यादा होगा।
कम रही ठंड और अल-नीनो का बढ़ता प्रभाव
इस बार दिसंबर और जनवरी में औसत तापमान सामान्य से अधिक रहा और 'ला-नीना' के एक्टिव न होने के कारण उत्तर प्रदेश में वैसी 'एक्सट्रीम' ठंड देखने को नहीं मिली। साथ ही पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता कम होने से सर्दियों में बारिश भी सामान्य से कम रही। अब धीरे-धीरे 'अल-नीनो' की स्थिति विकसित हो रही है, जिससे गर्मी जल्दी और तीखी होने की पूरी संभावना है।
पूर्वी यूपी में 'लू' की आशंका और फसलों पर संकट
मौसम वैज्ञानिकों ने चेतावनी दी है कि पूर्वी यूपी में हीट वेव यानी लू की स्थिति सामान्य से अधिक रह सकती है। दिन के समय चलने वाली तेज धूप और गर्म हवाओं का सीधा असर रबी की फसलों पर पड़ सकता है। तापमान में अचानक बढ़ोतरी से फसलों के दाने सूख सकते हैं या समय से पहले पक सकते हैं, जिससे पैदावार प्रभावित होने का डर है।
बारिश की स्थिति और प्री-मानसून की उम्मीद
मौसम विभाग के अनुसार, मार्च 2026 में पूरे देश में औसतन सामान्य बारिश होने की संभावना है। हालांकि, पूर्वोत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत के कुछ हिस्सों में सामान्य से कम बारिश हो सकती है। मार्च के अंत तक पश्चिमी यूपी में प्री-मानसून गतिविधियों के कारण हल्की आंधी या बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है, लेकिन इससे तापमान में किसी बड़ी गिरावट की उम्मीद नहीं है।










