भोपाल। राजधानी में 1 मार्च 2026, रविवार यानी आज हिंदी भवन में एक विशेष धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होने जा रहा है, जिसमें सनातन परंपरा और भारतीय संस्कृति के मूल मूल्यों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। दोपहर 2 बजे से शुरू होने वाली इस भव्य सनातन हिंदू धर्मसभा का उद्देश्य केवल धार्मिक प्रवचन तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज को उसकी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ना भी है। कार्यक्रम का आयोजन धर्म सुधाकर सेवा समिति द्वारा किया जा रहा है और इसे सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रियंक कानूनगो होंगे विशेष अतिथि
इस सभा में देश के कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों की उपस्थिति रहेगी। विशेष अतिथि के रूप में प्रियंक कानूनगो शामिल होंगे, जो राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के सदस्य हैं। उनके साथ मुख्य अतिथि के तौर पर रामेश्वर शर्मा तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में चेतन भार्गव कार्यक्रम में भाग लेंगे। इन अतिथियों की मौजूदगी आयोजन को विशेष महत्व प्रदान करती है। धर्मसभा में विभिन्न क्षेत्रों से आए विद्वान, धर्माचार्य और वक्ता अपने विचार रखेंगे।
शिक्षाविद-आचार्य भी साझा करेंगे मंच
पौराणिक परंपरा और वैदिक ज्ञान के जानकार पंडितों के साथ-साथ शिक्षाविद और आचार्य भी मंच साझा करेंगे। उनका मार्गदर्शन श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का स्रोत बनेगा। आयोजकों के अनुसार, आज के दौर में तेजी से बढ़ती भौतिक सोच और आधुनिक जीवनशैली के बीच युवा पीढ़ी पारंपरिक मूल्यों से दूर होती जा रही है। ऐसे में इस तरह के कार्यक्रम समाज को धर्म, सत्य, सेवा, करुणा और राष्ट्रप्रेम जैसे मूल सिद्धांतों की याद दिलाने का कार्य करते हैं।
कार्यक्रम में जुटेंगे आसपास के जिलों के लोग
आयोजन से जुड़े आचार्य पंडित योगेंद्र शास्त्री का मानना है कि यह धर्मसभा भारतीय संस्कृति की गौरवपूर्ण विरासत को पुनर्जीवित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनका कहना है कि जब समाज अपनी जड़ों को समझता है, तभी वह भविष्य की दिशा भी सही ढंग से तय कर पाता है। कार्यक्रम में राजधानी के साथ-साथ आसपास के जिलों से भी बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। यह आयोजन केवल प्रवचन का मंच नहीं, बल्कि सांस्कृतिक चेतना को जागृत करने का अवसर भी है।










