राजस्थान में मौसम ने अचानक करवट ले ली है और मार्च के महीने में ही फरवरी जैसी ठंड का अहसास होने लगा है। वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के असर से प्रदेश के कई जिलों में लगातार तीसरे दिन बारिश और ओलावृष्टि हो रही है, जिससे आम जनजीवन के साथ-साथ किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।
जयपुर में सुबह से झमाझम बारिश
राजधानी जयपुर और आसपास के इलाकों में शुक्रवार तड़के करीब 3 बजे से तेज बारिश का दौर शुरू हुआ, जो सुबह तक जारी रहा। बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई और ठंडक बढ़ गई।
टोंक में ओलावृष्टि, फसलों को भारी नुकसान
टोंक जिले में ओले गिरने से मूंग की फसल को बड़ा नुकसान हुआ है। कई इलाकों में खेतों में खड़ी फसल बर्बाद हो गई, जिससे किसानों को आर्थिक झटका लगा है।
श्रीगंगानगर में घना कोहरा
श्रीगंगानगर में शुक्रवार सुबह घना कोहरा छाया रहा। हालात ऐसे थे कि विजिबिलिटी 10 मीटर से भी कम हो गई, जिससे सड़क और रेल यातायात प्रभावित हुआ।
तापमान में भारी गिरावट
गुरुवार को आई तेज बारिश और ओलावृष्टि के कारण दिन के तापमान में करीब 11 डिग्री तक गिरावट दर्ज की गई। कई शहरों में मौसम अचानक ठंडा हो गया।
इन जिलों में हुई ज्यादा बारिश
पिछले 24 घंटे में बाड़मेर में 16.7 मिमी, अलवर में 13.4 मिमी, जैसलमेर में 5.4 मिमी और बीकानेर में 5.6 मिमी बारिश दर्ज की गई। सीकर, अलवर और कोटपूतली-बहरोड़ में भी तेज बारिश के साथ कहीं-कहीं ओले गिरे।
मौसम विभाग का संकेत
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, वेस्टर्न डिस्टर्बेंस के सक्रिय रहने से अगले कुछ समय तक मौसम ऐसा ही बना रह सकता है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और किसानों को अपनी फसल की सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाने की सलाह दी गई है।









