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Rajasthan News: राजस्थान सरकार ने मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाने के नियम में संशोधन करने की तैयारी कर रही है। यह नियम लागू होने के बाद मल्टी स्टोरी बिल्डिंग की ऊंचाई कम के साथ ही बिजली और पानी की समस्या नहीं होगी।

Rajasthan News: राजस्थान सरकार ने मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बनाने के नियम में संशोधन करने की तैयारी कर रही है। यह नियम लागू होने के बाद मल्टी स्टोरी बिल्डिंग की ऊंचाई कम के साथ ही बिजली और पानी की समस्या नहीं होगी। इसके समाधान को लेकर सरकार द्वारा विशेष प्रावधान किए गए हैं। 

राजस्थान में सरकार की नई गाइडलाइन के मुताबिक अधिकारियों के स्तर पर मल्टी स्टोरी बिल्डिंग बायलॉज के प्रावधान में बदलाव की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। आचार संहिता के बाद राजस्थान सरकार के मंत्री और मुख्य सचिव के बीच इस विषय पर चर्चा की जाएगी। उसके बाद बिल्डिंग बायलॉज में संशोधन लागू करने का प्रस्ताव रखेंगे।  

ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा
राजस्थान सरकार के मंत्री झाबर सिंह के मुताबिक, बिल्डिंग बायलॉज काफी पुराना हो गया है। जिसमें समय के साथ बदलाव की जरूरत है। पुराने बायलॉज में कुछ ऐसे नियम हैं, जो वर्तमान की स्थिति के हिसाब से सही नहीं हैं। इसलिए अब पुराने नियम को देखते हुए नया ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है।

आचार संहित बाद शुरू होगा काम
चुनाव बाद आचार संहिता हटते ही ड्राफ्ट मेरे पास आएगा। जिस पर अधिकारियों और लीगल डिपार्टमेंट से चर्चा की जाएगी। और उसके बाद हम उस ड्राफ्ट को जनता के सामने रखेंगे। जनता की राय के आधार पर ही उसमें बदलाव या सुधार किया जाएगा।  

मल्टी स्टोरी बिल्डिंग की ऊंचाई में होंगे बदलाव
मल्टी स्टोरी बिल्डिंग के नियमों में बदलाव की तैयारी काफी समय से चल रही है। अभी राजस्थान के अंदर शहरों में 18 मीटर से अधिक ऊंचाई की बिल्डिंग को मल्टी स्टोरी बिल्डिंग की श्रेणी में शामिल किया गया है। अब सरकार इसे बदलकर अधिकतम 15 मीटर ऊंचाई की बिल्डिंग को मल्टी स्टोरी बिल्डिंग की श्रेणी में शामिल करने की तैयारी मे है।

सोलर पैनल लगाने के प्रावधान को किया जाएगा शामिल
सरकार द्वारा द्वारा तैयार किया जा रहे ड्राफ्ट के आधार पर बिल्डिंग बायलॉज में मल्टी स्टोरी बिल्डिंग की छत पर सोलर पैनल लगाने का प्रावधान किया जाएगा। फिलहाल अभी तक ऐसा कोई प्रावधान शामिल नहीं है। सरकार द्वारा बनाए गए नए नियम के मुताबिक मल्टी स्टोरी बिल्डिंग की छत पर बिल्डिंग के 25% हिस्से पर सोलर पैनल लगाया जाना आवश्यक रहेगा।

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