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Maharashtra MLC Election: महाराष्ट्र की राजनीति में फिर से भूचाल आने के संकेत मिल रहे हैं। शिवसेना के उद्धव गुट ने विधान परिषद चुनाव में अपने 4 उम्मीदवार उतार दिए हैं। इससे कांग्रेस नाराज हो गई।

Maharashtra MLC Election: लोकसभा चुनाव में मिली सफलता का ठीक से जश्न भी नहीं मन पाया था कि महाराष्ट्र की सियासत में नए समीकरण सामने आने लगे। मंगलवार को यह सियासी ड्रामा महाविकास अघाड़ी (MVA) खेमे में शुरू हुआ।  

दरअसल, महाराष्ट्र में विधान परिषद के चुनाव हैं। जिसके लिए शिवसेना (उद्वव ठाकरे गुट) ने विधान परिषद की चारों सीटों के लिए उम्मीदवार घोषित कर दिए। उद्धव ठाकरे के इस कदम से कांग्रेस खेमे में खासी नाराजगी है। इसे लेकर महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष नाना पटोले ने विधान परिषद उम्मीदवारों को वापस लेने का संदेश दिया। साथ ही देर शाम राज्यपाल रमेश बैस से मुलाकात की।  

कांग्रेस का कहना है कि सीटों को लेकर घोषणा से पहले महाविकास अघाड़ी में चर्चा होनी चाहिए थी। उद्धव ठाकरे, मुंबई से विधान परिषद के अपने उम्मीदवारों को बरकरार रखें, लेकिन कोंकण स्नातक और नासिक शिक्षक उम्मीदवारों को वापस लेना चाहिए। उद्धव ठाकरे के रुख से कांग्रेस प्रभारी रमेश चन्नीथला और कांग्रेस नेता नाराज हैं। 

नाना पटोले का फोन नहीं उठा रहे उद्धव ठाकरे? 
कांग्रेस नेता नाना पटोले ने कहा- जब उद्धव लंदन गए तो उन्होंने फोन किया, साथ ही मैंने उनसे कहा कि आप दो सीटों पर लड़ें। मैं सुबह से उन्हें कॉल करने की कोशिश कर रहा हूं, उद्धव ठाकरे ने मुझसे संपर्क नहीं किया, इसलिए हम नहीं जानते कि उनके मन में क्या है। 

महाविकास अघाड़ी एकजुट होकर चुनाव लड़ें- कांग्रेस 
कांग्रेस नेता ने कहा कि हमने मुंबई में उम्मीदवार नहीं उतारें हैं। उन्होंने अपने प्रत्याशियों की घोषणा कर दी। नाना पटोले ने कहा कि कांग्रेस की स्थिति यह चुनाव महाविकास अघाड़ी के तौर पर लड़ने की है। कांग्रेस कोंकण स्नातक और नासिक सीट पर जोर दे रही है, लेकिन लोकसभा सीटों के बंटवारे के तहत जिस तरह से उद्धव ठाकरे ने उम्मीदवारों की घोषणा की है, उससे कांग्रेस नेताओं में गहरी नाराजगी है। 

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