भोपाल/आलीराजपुर। मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भगोरिया उत्सव के अवसर पर जनजातीय समाज को हार्दिक बधाई दी और इसे राजकीय पर्व के रूप में मनाए जाने की घोषणा को ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय प्रदेश की समृद्ध आदिवासी परंपराओं के संरक्षण और सम्मान का प्रतीक है।
उदयगढ़ (आलीराजपुर) में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि होली से पूर्व मनाया जाने वाला भगोरिया उत्सव केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि जनजातीय समाज की जीवंत सांस्कृतिक पहचान है। भगोरिया जैसे सांस्कृतिक पर्व न केवल परंपराओं को जीवित रखते हैं, बल्कि सामाजिक एकता और आत्मगौरव की भावना को भी मजबूत करते हैं। यही भावना विकसित और आत्मनिर्भर भारत की मजबूत नींव बनेगी।
सामाजिक एकता का प्रतीक है भगोरिया
उन्होंने कहा इसे पूरे उत्साह और उल्लास के साथ मनाया जाना प्रदेश के लिए गर्व का विषय है। मुख्यमंत्री यादव ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि विकसित और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना तब तक अधूरी है, जब तक जनजातीय भाई-बहनों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित नहीं होती। उन्होंने कहा कि इस धरती ने जहां एक ओर जनजातीय संस्कृति को सहेजा है, वहीं दूसरी ओर यह भूमि हमारे जननायकों के साहस और पराक्रम की गाथाओं से भी सुशोभित है।
नर्मदा जल से 28 गांवों का होगा सर्वे
उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल विकास योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि उन्हें अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना है। किसान कल्याण वर्ष का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य आलीराजपुर जिले के प्रत्येक खेत तक सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मांग पर उन्होंने नर्मदा जल परियोजना के अंतर्गत 28 गांवों में सर्वे कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि मां नर्मदा और हथनी नदी का आशीर्वाद इस क्षेत्र को मिला है, और सरकार इस प्राकृतिक संपदा का लाभ किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है।
18 किलोमीटर नई सड़कों की सौगात
कार्यक्रम के दौरान उदयगढ़ क्षेत्र को 18 किलोमीटर लंबी नई सड़कों की सौगात देने की भी घोषणा की गई। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि बेहतर सड़क संपर्क से क्षेत्र के विकास को गति मिलेगी और ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन के अंत में कहा कि सरकार का संकल्प है कि जनजातीय समाज के जीवन में समृद्धि, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने विश्वास जताया कि जनजातीय समाज की सहभागिता से प्रदेश और देश दोनों विकास की नई ऊंचाइयों को छुएंगे।










