उज्जैन विक्रमोत्सव व्यापार मेले में रिकॉर्ड वाहन बिक्री के बीच टैक्स छूट की प्रक्रिया तकनीकी कारणों से अटक गई है। एनआईसी पोर्टल अपडेट न होने से हजारों वाहन बिना टैक्स एंट्री के सड़कों पर चल रहे हैं, जिससे डीलर और ग्राहक दोनों असमंजस में हैं।

 उज्जैन। महाकाल की नगरी में 15 फरवरी से शुरू हुए विक्रमोत्सव व्यापार मेले में इस बार वाहनों की बिक्री तो जोरों पर है, लेकिन टैक्स छूट से जुड़ी प्रक्रिया अटक जाने से खरीदारों और डीलरों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मेले में बड़ी संख्या में लोग कार और दोपहिया वाहन खरीद रहे हैं, मगर नेशनल इन्फॉर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) के पोर्टल पर तकनीकी अपडेट न होने के कारण टैक्स जमा नहीं हो पा रहा। इसके चलते एक हजार से अधिक वाहन बीमा होने के बावजूद टैक्स एंट्री के बिना सड़कों पर चल रहे हैं।

टैक्ट भुगतान अटकने से पंजीकरण रुका
डीलरों का कहना है कि उन्होंने ग्राहकों का इंश्योरेंस तो तुरंत करा दिया, लेकिन टैक्स भुगतान की प्रक्रिया रुकने से आगे का रजिस्ट्रेशन कार्य अटक गया है। इससे पेनाल्टी लगने का खतरा भी बना हुआ है। ग्राहकों में भी असमंजस की स्थिति है। ग्राहक वाहन घर ले जाना चाहते हैं, पर पूरी औपचारिकताएं पूरी न होने से चिंता बनी है। डीलरों को उम्मीद है कि एक-दो दिन में समस्या का हल निकलेगा, पर अब तक स्थिति स्पष्ट नहीं है।

एक समय में दो व्यापार मेलों से परेशानी
अधिकारी परेशान हैं। उनका कहना है कि प्रदेश में एक ही समय पर दो व्यापार मेलों का आयोजन चल रहा है। एस साथ दो मेलों के लिए एनआईसी पोर्टल को अपडेट नहीं किया जा सकता। इस समय ग्वालियर में भी व्यापार मेला जारी है। यह 25 फरवरी तक चलेगा है। नियमों के चलते उज्जैन मेले के लिए सिस्टम एक्टिव नहीं किया जा रहा। अधिकारियों ने जल्द समाधान का भरोसा दिया है, पर फिलहाल प्रक्रिया रुकी हुई है।

शुरुआती तीन दिनों में 1 हजार वाहन बिके
मेले के शुरुआती तीन दिनों में ही करीब एक हजार वाहनों की बिक्री हो चुकी है। पिछले सालों की तुलना में बिक्री में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वर्ष 2024 में लगभग 23 हजार से अधिक वाहन बिके थे, जबकि 2025 में यह आंकड़ा 36 हजार से ऊपर पहुंच गया है। इस वर्ष भी रिकॉर्ड बिक्री की उम्मीद जताई जा रही है, लेकिन तकनीकी अड़चनें दूर न हुईं तो रफ्तार प्रभावित हो सकती है।

व्यापार मेलों में जमकर होती है वाहनों की बिक्री
विशेषज्ञों का मानना है कि व्यापार मेलों में दी जाने वाली टैक्स छूट ग्राहकों को आकर्षित करने का बड़ा कारण होती है। यदि पोर्टल या प्रशासनिक प्रक्रियाएं समय पर पूरी न हों तो इससे खरीदारों का भरोसा कमजोर होता है। उज्जैन का यह मेला पर्यटन और व्यापार दोनों के लिहाज से अहम माना जाता है, इसलिए प्रशासन पर जल्द समाधान निकालने का दबाव बढ़ता जा रहा है। फिलहाल ग्राहक इंतजार में हैं और डीलर समाधान की आस लगाए बैठे हैं।