Ujjain Vikramaditya University Convocation: मध्यप्रदेश। उज्जैन में मंगलवार को विक्रमादित्य विश्वविद्याल दीक्षांत समारोह आयोजित हुआ। इस समारोह में राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। सीएम यादव से कुलगुरु अर्पण भारद्वाज ने दस लाख रुपए और कृषि अध्ययन शाला के लिए 10 लाख रुपए की मांग की थी। पर्ची मिलने पर मुख्यमंत्री यादव ने मांग से ज्यादा अनुदान दिया। उन्होंने पांच ड्रोन और 51 लाख रुपए देने की घोषणा की।
विकास कार्यों का भूमिपूजन
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री ने शैक्षणिक भ्रमण हेतु सर्वसुविधायुक्त यात्री बस देने की भी बात कही। राज्यपाल मंगुभाई पटेल के मुख्य आतिथ्य एवं मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में उज्जैन में आयोजित विभिन्न विकास कार्यों का भूमिपूजन हुआ। राज्यपाल मंगुभाई पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन स्थित सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय के 30वें दीक्षांत समारोह का दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर शुभारंभ किया। इस दौरान राज्यपाल श्री पटेल और मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने उपाधियां प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं।
‘गीता भवन’ की आधारशिला
सीएम यादव ने कहा, 'सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय ने बीते 7 दशकों में देश-दुनिया को कुशल मानव संसाधन और श्रेष्ठ स्कॉलर सौंपे हैं। उज्जैन धार्मिक पर्यटन के साथ-साथ सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन के क्षेत्र में भी अपनी विशिष्ट पहचान स्थापित कर रहा है। इसी क्रम में शीघ्र ही दिव्य एवं भव्य ‘गीता भवन’ की आधारशिला रखी जाएगी, जिसमें अत्याधुनिक सांस्कृतिक सभागार, पुस्तकालय एवं वाचनालय का निर्माण किया जाएगा।आदरणीय महामहिम मंगुभाई पटेल जी के मार्गदर्शन में विक्रम विश्वविद्यालय का नामकरण ‘सम्राट विक्रमादित्य विश्वविद्यालय’ के रूप में होना आनंद की अनुभूति प्रदान करता है।
178 छात्रों को डिग्रियां और पदक
दीक्षांत समारोह के दौरान कुल 178 छात्रों को डिग्रियां और पदक प्रदान किए गए। इनमें से 74 छात्रों को PhD की डिग्री मिलीं, जबकि एक उम्मीदवार को प्रतिष्ठित D.Litt. की डिग्री से सम्मानित किया गया। कई छात्रों ने स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों की मेरिट सूची में प्रथम स्थान प्राप्त किया; इनमें से 103 छात्रों को स्वर्ण पदकों से सम्मानित किया गया। यह समारोह उज्जैन स्थित स्वर्ण जयंती सभागार में आयोजित किया गया था। यह सभागार विश्वविद्यालय परिसर में ही स्थित है। इस वर्ष दीक्षांत समारोह में शामिल होने के लिए कुछ विदेशी मेहमानों को भी आमंत्रित किया गया था, जिससे इस कार्यक्रम का महत्व और भी बढ़ गया।