उज्जैन। बाबा महाकाल की नगरी में आयोजित उज्जैन विक्रम व्यापार मेले ने इस बार वाहन बिक्री के मामले में नया रिकॉर्ड बना डाला है। इंजीनियरिंग कॉलेज मैदान पर चल रहे इस मेले में मात्र 11 दिनों के भीतर 6,662 वाहनों की बिक्री हो चुकी है। खास बात यह है कि इनमें चारपहिया वाहनों, विशेषकर कारों की संख्या सबसे अधिक रही है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मोटरसाइकिल और अन्य हल्के वाहन खरीदने भी व्यापार मेले में पहुंच रहे हैं। व्यापार मेले का आयोजन विक्रमोत्सव 2026 के अंतर्गत किया जा रहा है।
व्यापार मेले इस बार बिके रिकॉर्ड वाहन
राज्य सरकार ने उज्जैन व्यापार मेले को आकर्षक बनाने के विशेष प्रयास किए हैं। राज्य सरकार ने गैर-परिवहन श्रेणी के वाहनों-जैसे दोपहिया, कार, ओमनी बस और अन्य हल्के मोटर वाहनों-के पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट देने की घोषणा की है। यही छूट लोगों को इस व्यापार मेले से खरीदारी के लिए प्रेरित कर रही है। कम रजिस्ट्रेशन शुल्क के कारण ग्राहकों को सीधा लाभ मिल रहा है। यही वजह है कि वाहन बाजार में उत्साह का माहौल है।
25 तक बिके 5,150 चारपहिया वाहन
ताजा आंकड़ों के अनुसार 25 फरवरी तक उज्जैन व्यापार मेले से कुल 6,662 वाहनों की बिक्री दर्ज की गई। इनमें 1,212 दोपहिया वाहन हैं, जबकि 5,150 चारपहिया वाहन खरीदे गए हैं। इसके अलावा 300 अन्य श्रेणी के वाहन भी बेचे गए हैं। यह संख्या बताती है कि चारपहिया वाहनों की मांग इस मेले में सबसे अधिक रही। रजिस्ट्रेशन में दी गई छूट और एक ही स्थान पर विभिन्न कंपनियों के विकल्प उपलब्ध होने से ग्राहकों को निर्णय लेने में आसानी हुई।
ग्वालियर की तर्ज पर शुरु किया गया मेला
उज्जैन के विक्रम व्यापार मेले की तर्ज पर ग्वालियर मेला भी प्रदेश में व्यापार और सांस्कृतिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र माना जाता है। दोनों मेलों में वाहन, घरेलू उत्पाद और विभिन्न व्यावसायिक स्टॉल लोगों को आकर्षित करते हैं। जहां उज्जैन में रजिस्ट्रेशन छूट से वाहन बिक्री को बढ़ावा मिला है, वहीं ग्वालियर मेला भी हर साल कारोबार के नए कीर्तिमान स्थापित करता है। ग्वालियर व्यापार मेला 25 दिसंबर 2025 से शुरू होकर 25 फरवरी 2026 तक चला।










