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इंदौर में वंदे मातरम विवाद के बाद कांग्रेस ने पार्षद रुबीना इकबाल से दूरी बनाई, निष्कासन की कार्रवाई जल्द संभव।

Rubina Iqbal 'Vande Mataram' Controversy: मध्यप्रदेश। इंदौर नगर निगम में हुए वंदे मातरम विवाद ने अब नया सियासी रूप ले लिया है। पार्षद रुबीना इकबाल से अब कांग्रेस ने भी अपना पल्ला झाड़ लिया है। विवाद के बाद वीडियो जारी कर शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि, रुबीना इकबाल को मान लेना चाहिए कि, वे पार्टी से बाहर हो गई हैं। ऐसे लोगों की कांग्रेस पार्टी में कोई जगह नहीं है। चौकसे ने रुबीना इकबाल के निष्कासन के लिए पीसीसी चीफ पटवारी को पत्र भी लिख दिया है।

दरअसल, 8 अप्रैल को इंदौर नगर निगम के बजट सत्र में हंगामा हुआ था। वंदे मातरम को लेकर विवाद के बीच कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल का बयान चर्चा में आ गया था। बजट के दौरान कांग्रेस पार्षद रुबीना इकबाल ने वन्दे मातरम कहने से मना किया और अपनी ही पार्टी के खिलाफ बयान भी दिया। जब मीडिया द्वारा उनसे सवाल किया गया कि, आपकी ही पार्टी आपके द्वारा वन्दे मातरम नहीं बोलने का विरोध कर रही है तो रुबीना ने कहा था कि, भाड़ में जाए कांग्रेस पार्टी, हम AIMIM को ज्वाइन कर लेंगे।

उनके बयान के बाद अब शहर अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि, अनर्गल बयानबाजी करने वालों की कांग्रेस में कोई जगह नहीं है। ऐसे लोगों को पार्टी एंटरटेन नहीं करती। उनके खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्यवाई तय है। बताया जा रहा है कि, रुबीना इकबाल के निष्कासन से जुड़ा आदेश दो-तीन दिन में सामने आ जाएगा।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के मीडिया अडवाइजर केके मिश्रा ने कहा कि, 'जो राष्ट्रधर्म नहीं निभा सकते हैं,वन्दे मातरम् नहीं बोल सकते हैं, वे जाएं भाड़ में, पाकिस्तान जाकर बसें। पार्षद रूबीना खान का बयान राजनैतिक ब्लैकमेलिंग, भाजपा से मिलीजुल कर किया गया खेला, बयान आजादी के संग्राम में और भारतीय सेना में योगदान, बलिदान देने वाले मुस्लिम स्वतंत्रता सेनानियों का भी अपमान है।

उन्होंने यह भी कहा कि, चिंटू चौकसे जी कांग्रेस से उन्हें बर्खास्त कीजिए, वे जहां जाना चाहती हैं, चली जाएं। पार्टी को भी निर्दलीय या संदिग्ध निष्ठा वाले लोगों को कांग्रेस में शामिल करने के पहले सोंच विचार करना चाहिए।'

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