रतलाम। नगर में दो वर्ष पहले हुई हत्या की एक जघन्य वारदात में अदालत ने अब अपना अंतिम निर्णय सुना दिया है। एक बुजुर्ग महिला की हत्या और लूट के मामले में दोषी पाए गए व्यक्ति को आजीवन कारावास की सजा दी गई है। साथ ही उस पर 9 हजार रुपए आर्थिक दंड भी लगाया गया है। घटना मार्च 2024 में शहर के मोती नगर क्षेत्र में हुई थी। आरोपी ने रात के समय महिला के घर में घुसकर नकदी से भरा बैग चुरा लिया। चोरी के दौरान जब महिला की नींद खुल गई और उसे अपनी उपस्थिति का आभास हुआ, तब उसने पकड़े जाने के डर से उन पर लकड़ी से कई वार कर दिए।
चोटों के कारण मौके पर ही हो गई थी मौत
गंभीर चोटों के कारण महिला की मौके पर ही मृत्यु हो गई। अगले दिन पड़ोसियों को घटना की जानकारी मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई और मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार किया और उसके घर से खून लगे कपड़े, वारदात में प्रयुक्त लकड़ी तथा चोरी की गई राशि बरामद की। फॉरेंसिक परीक्षण में लकड़ी पर मानव रक्त की पुष्टि हुई, जो अदालत में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हुआ।
12 गवाहों-साक्ष्यों केआधार पर तय किया जुर्म
चिकित्सा परीक्षण में मृतका के शरीर पर कई गहरी चोटों के निशान पाए गए, जिससे स्पष्ट हुआ कि हमला बेहद क्रूर था। मामले की सुनवाई सत्र न्यायालय में चली, जहां अभियोजन पक्ष ने गवाहों और भौतिक साक्ष्यों के आधार पर अपना पक्ष मजबूत रखा। इस मामले की सुनवाई दौरान कुल 12 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। अदालत ने प्रस्तुत प्रमाणों को विश्वसनीय मानते हुए आरोपी को दोषी करार दिया और उसे जीवनभर कारावास की सजा सुनाई।
घटना के 2 साल में आया कोर्ट का फैसला
अदालत ने इस मामले में 2 साल की सुनवाई के बाद फैसला सुनाया। अदालत में अभियोजन की ओर से कुल 12 गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए। तृतीय सत्र न्यायाधीश बरखा दिनकर की अदालत ने अभियोजन की गवाही और मौजूद साक्ष्यों को प्रामाणिक मानते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। इस मामले में राज्य शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक एवं शासकीय अधिवक्ता सतीश त्रिपाठी ने पैरवी की।