Datia: दतिया विधायक राजेंद्र भारती को 27 साल पुराने बैंक घोटाले में 3 साल की सजा। जमानत मिली, लेकिन विधायकी पर खतरा बरकरार।

Datia MLA Rajendra Bharti: मध्यप्रदेश। दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को तीन साल की सजा हुई है। भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के मामले में अदालत ने उन्हें 1 अप्रैल को दोषी ठहरा दिया था। 27 साल पुराने बैंक घोटाले मामले में दिल्ली की विशेष MP/MLA कोर्ट ने सुनवाई करते हुए उन्हें धारा 420 समेत अन्य धाराओं के तहत दोषी माना है। विधायक भारती को तिहाड़ जेल भेजने का आदेश दिया गया था। गुरुवार को सजा की अवधि का ऐलान हुआ है। राजेंद्र भारती हाई कोर्ट में अपील कर सकते हैं। अगर उन्हें वहां से कोई राहत नहीं मिली तो उनकी विधायकी जा सकती है।

अदालत ने कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को दो धाराओं में तीन-तीन साल की सजा और एक धारा में दो साल की सजा सुनाई है। इसी के साथ अदालत ने उन्हें जमानत भी दी है। भारती के पास हाई कोर्ट में अपील के लिए 60 दिन का समय है। हालांकि उनकी विधायकी पर खतरा बना हुआ है। अगर हाई कोर्ट स्टे देता है तो वे विधायक बने रहेंगे। धोखाधड़ी के मामले में विधायक राजेन्द्र भारती के साथ-साथ बैंक कर्मचारी (लिपिक) रघुवीर शरण प्रजापति को भी दोषी ठहराया गया है।

जानकारी के अनुसार दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती ने अपनी मां के नाम बैंक में 10.50 लाख रुपए की एफडी तीन साल के लिए की थी। इस पर उन्हें 13.50 प्रतिशत ब्याज मिल रहा था। आरोप है कि, बाद में एफडी की अवधि तीन साल से बढ़ाकर 15 साल कर दी गई। बैंक कर्मचारी नरेंद्र सिंह ने शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत को गंभीर मानते हुए अदालत ने केस दर्ज करने का आदेश दिया था।

बैंक कर्मचारी ने क्या आरोप लगाए थे
मामला 27 साल पुराना है। तब भारती जिला सहकारी कृषि ग्रामीण बैंक दतिया के अध्यक्ष थे। उसे समय उन्होंने मां के नाम पर तीन साल की एफडी करवाई थी। बैंक कर्मचारी के आरोप के अनुसार उन्होंने पद का दुरूपयोग करते हुए नियमों के विपरीत हर साल एफडी पर ब्याज निकलवाया। नियम कहते हैं कि, ब्याज का भुगतान मूलधन के साथ मेच्योरिटी के समय किया जाता है। इतना ही नहीं जब एफडी की अवधि पूरी हुई तो भारती ने दोबारा पद का दुरूपयोग किया। उन्होंने एफडी की अवधि तीन साल बढ़ा दी। उस समय ब्याज दरें कम हुई थीं लेकिन भारती 13.5 प्रतिशत की दर पर हर साल ब्याज लेते रहे।

भारती द्वारा पद के दुरूपयोग का सिलसिला यहीं नहीं रुका। उन्होंने फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके समय सीमा दस साल और बढ़ा दी और ब्याज लेते रहे। सालों तक भारती को ऊंची ब्याज दरों का भुगतान होता रहा लेकिन अब अदालत ने उन्हें दोषी माना है। जल्द ही सजा की अवधि का ऐलान होगा।

BJP के नरोत्तम मिश्रा को हराकर बने थे विधायक
30 मई, 1958 को जन्मे राजेंद्र भारती अब तक तीन बार मध्यप्रदेश विधानसभा के सदस्य चुने जा चुके हैं। उनके चुनाव पत्र के अनुसार उनका व्यवसाय कृषि एवं सामाजिक सेवा है। वे दतिया के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री स्वर्गीय श्याम सुंदर ‘श्याम’ के पुत्र हैं। इस तरह उन्हें राजनीतिक विरासत में मिली है। साल 2023 में हुए विधानसभा चुनावों में उन्होंने मध्यप्रदेश BJP के कद्दावर नेता और तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को हराया था। इस कारण उन्होंने प्रदेश स्तर पर काफी सुर्खियां बटोरीं थीं।