Datia MLA Rajendra Bharti: दतिया। मध्यप्रदेश में कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। जानकारी के अनुसार, दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को भ्रष्टाचार और धोखाधड़ी के मामले में अदालत ने दोषी ठहरा दिया है। करीब 25 साल पुराने बैंक घोटाले मामले में दिल्ली की विशेष MP/MLA कोर्ट ने सुनवाई करते हुए उन्हें धारा 420 के तहत दोषी माना है। विधायक भारती को तिहाड़ जेल भेजने का आदेश दिया गया है। सजा की अवधि का ऐलान अदालत 2 अप्रैल को करेगी।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार दतिया से कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती ने अपनी मां के नाम बैंक में 10.50 लाख रुपए की एफडी तीन साल के लिए की थी। इस पर उन्हें 13.50 प्रतिशत ब्याज मिल रहा था। आरोप है कि, बाद में एफडी की अवधि तीन साल से बढ़ाकर 15 साल कर दी गई। बैंक कर्मचारी नरेंद्र सिंह ने शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत को गंभीर मानते हुए अदालत ने केस दर्ज करने का आदेश दिया था।
बैंक कर्मचारी ने क्या आरोप लगाए थे
मामला 25 साल पुराना है। तब भारती जिला सहकारी कृषि ग्रामीण बैंक दतिया के अध्यक्ष थे। उसे समय उन्होंने मां के नाम पर तीन साल की एफडी करवाई थी। बैंक कर्मचारी के आरोप के अनुसार उन्होंने पद का दुरूपयोग करते हुए नियमों के विपरीत हर साल एफडी पर ब्याज निकलवाया। नियम कहते हैं कि, ब्याज का भुगतान मूलधन के साथ मेच्योरिटी के समय किया जाता है। इतना ही नहीं जब एफडी की अवधि पूरी हुई तो भारती ने दोबारा पद का दुरूपयोग किया। उन्होंने एफडी की अवधि तीन साल बढ़ा दी। उस समय ब्याज दरें कम हुई थीं लेकिन भारती 13.5 प्रतिशत की दर पर हर साल ब्याज लेते रहे।
भारती द्वारा पद के दुरूपयोग का सिलसिला यहीं नहीं रुका। उन्होंने फर्जी दस्तावेजों का उपयोग करके समय सीमा दस साल और बढ़ा दी और ब्याज लेते रहे। सालों तक भारती को ऊंची ब्याज दरों का भुगतान होता रहा लेकिन अब अदालत ने उन्हें दोषी माना है। जल्द ही सजा की अवधि का ऐलान होगा।
तत्कालीन गृह मंत्री को हराकर बने थे विधायक
30 मई, 1958 को जन्मे राजेंद्र भारती अब तक तीन बार मध्यप्रदेश विधानसभा के सदस्य चुने जा चुके हैं। उनके चुनाव पत्र के अनुसार उनका व्यवसाय कृषि एवं सामाजिक सेवा है। वे दतिया के दिग्गज नेता और पूर्व मंत्री स्वर्गीय श्याम सुंदर ‘श्याम’ के पुत्र हैं। इस तरह उन्हें राजनीतिक विरासत में मिली है। साल 2023 में हुए विधानसभा चुनावों में उन्होंने मध्यप्रदेश के कद्दावर नेता और तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा को हराया था। इस कारण उन्होंने प्रदेश स्तर पर काफी सुर्खियां बटोरीं थीं।